HIGH COURT TRANSFER | छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में प्रशासनिक बदलाव …

बिलासपुर. बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव ने 11 सितंबर को कई प्रशासनिक आदेश जारी कर न्यायाधीशों को अलग-अलग सिविल जिलों की नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर हुए इन बदलावों में जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू को रायपुर, जांजगीर-चांपा और सरगुजा जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास को राजनांदगांव, बेमेतरा और कोरबा का प्रशासनिक प्रभार सौंपा गया है।
इसके अलावा अन्य न्यायाधीशों को भी अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। ये नई जिम्मेदारियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
हाईकोर्ट के नए एक्सटेंशन भवन में नवनियुक्त न्यायाधीशों के लिए कोर्ट रूम भी आवंटित किए गए हैं। 10 सितंबर के आदेश के मुताबिक कोर्ट नंबर 16 जस्टिस संतोष शर्मा, कोर्ट नंबर 17 जस्टिस सुषमा सावंत और कोर्ट नंबर 18 जस्टिस सुधीर कुमार को आवंटित किया गया है।
उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारियों की पदस्थापना में भी बदलाव हुआ है। बलराम देवांगन को कुनकुरी से स्थानांतरित कर पत्थलगांव में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बनाया गया है। वहीं कोरबा में श्रम न्यायाधीश रहे अविनाश को द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, कोरबा के पद पर पदस्थ किया गया है।
सूरजपुर फैमिली कोर्ट की न्यायाधीश डॉ. प्रज्ञा पचौरी का तबादला कर उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी, बिलासपुर का निदेशक बनाया गया है। वहीं कोरबा फैमिली कोर्ट की न्यायाधीश नीता यादव को कोरबा में ही प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की जिम्मेदारी दी गई है।
जांजगीर-चांपा में एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामलों का अतिरिक्त प्रभार भी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जांजगीर-चांपा को सौंपा गया है।



