REPO RATE HIKE | RBI का बड़ा फैसला, अब EMI पर क्या होगा?

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को ब्याज दरों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 5.50 फीसदी कर दिया है। यह फरवरी 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी है।
क्यों बढ़ाया गया रेपो रेट?
RBI के इस फैसले के पीछे बढ़ती महंगाई और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां बड़ी वजह हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और खाद्य महंगाई ने महंगाई के जोखिम को बढ़ाया है। RBI ने अपनी नीति का रुख भी ‘calibrated tightening’ यानी जरूरत के हिसाब से मौद्रिक सख्ती की ओर किया है।
हालांकि RBI ने आर्थिक विकास को लेकर सकारात्मक रुख रखा है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.1 फीसदी किया गया है।
अब लोन लेने वालों पर क्या असर?
रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI बैंकों को अल्प अवधि के लिए पैसा देता है। जब यह दर बढ़ती है तो बैंकों के लिए फंड जुटाने की लागत बढ़ सकती है और इसका असर आगे चलकर ग्राहकों के लोन की ब्याज दरों पर पड़ सकता है।
खासकर फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन लेने वालों की EMI बढ़ने की संभावना रहती है। हालांकि EMI कितनी बढ़ेगी, यह बैंक की ब्याज दर, लोन की अवधि और ग्राहक के मौजूदा लोन पर निर्भर करेगा।
FD वालों के लिए भी खबर
रेपो रेट बढ़ने का असर सिर्फ कर्ज लेने वालों तक सीमित नहीं रहता। बैंक अपनी डिपॉजिट और FD दरों में भी बदलाव कर सकते हैं। ऐसे में बचत करने वालों को आने वाले समय में जमा पर बेहतर ब्याज मिलने की संभावना बन सकती है।
RBI का यह कदम ऐसे समय आया है जब महंगाई पर दबाव फिर बढ़ रहा है। अब बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले महीनों में बैंक अपनी लोन और डिपॉजिट दरों में कितना बदलाव करते हैं।



