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FORMER OFFICERS LETTER | SIR पर 124 पूर्व अफसरों का बड़ा दांव, क्या है मामला?

 

नई दिल्ली। चुनाव में धांधली और वोटों की गड़बड़ी के आरोपों के बीच 124 पूर्व IAS, IFS और अन्य सेवाओं के अधिकारियों ने चुनाव आयोग का समर्थन किया है। खुला पत्र जारी कर उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को जरूरी बताया और कहा कि चुनावी धांधली के आरोप ठोस सबूतों के आधार पर लगाए जाने चाहिए।

पूर्व अधिकारियों ने पत्र में कहा कि चुनाव प्रक्रिया में बूथों पर कब्जे और फर्जी मतदान जैसी पुरानी समस्याओं से निपटने के लिए कई सुरक्षा उपाय किए गए हैं। इनमें EVM सील करना, स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा और VVPAT पर्चियों का सत्यापन शामिल है।

पत्र में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का हवाला देते हुए दावा किया गया कि किसी सीट पर दोबारा मतदान की जरूरत नहीं पड़ी और मतदान का स्तर काफी ऊंचा रहा। अधिकारियों ने यह भी कहा कि केंद्र में सत्तारूढ़ दल 2024 के लोकसभा चुनाव में अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर सका था। उनके मुताबिक, इससे चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाते समय तथ्यों को ध्यान में रखना जरूरी है।

SIR के समर्थन में अधिकारियों ने बिहार की मतदाता सूची के आंकड़ों का जिक्र किया। उनके अनुसार, पुनरीक्षण में करीब 22 लाख मृत मतदाताओं और सात लाख दोहरी प्रविष्टियों की पहचान हुई, जबकि लगभग 21.5 लाख नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए। हालांकि, उन्होंने माना कि किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से हटने से रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा जरूरी है।

पत्र में मसौदा मतदाता सूची, दावा-आपत्ति, सुनवाई और अपील जैसी प्रक्रियाओं का उल्लेख किया गया। अधिकारियों ने नागरिकों से मतदाता सूची में अपना नाम जांचने की अपील करते हुए कहा कि आरोपों की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए। इससे पहले 42 पूर्व न्यायाधीश भी चुनाव आयोग के समर्थन में खुला पत्र लिख चुके हैं।

 

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