CG CUSTODIAL DEATH : हिरासत में मौत का मामला, अब 13 अक्टूबर पर टिकी नजर

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में श्रवण सूर्यवंशी की हिरासत में मौत के मामले में सीबीआई की पूछताछ पूरी हो गई है। करीब ढाई महीने चली जांच में पुलिस और जेल के अधिकारी-कर्मचारियों समेत 30 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। अब 13 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई होनी है।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम मोहरा निवासी श्रवण सूर्यवंशी को 18 जनवरी 2024 को सीपत पुलिस ने अवैध शराब रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई के बाद उसे सेंट्रल जेल भेजा गया। 21 जनवरी को तबीयत बिगड़ने पर उसे सिम्स रेफर किया गया, जहां 22 जनवरी की सुबह उसकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया था कि पुलिस या जेल हिरासत में पिटाई के कारण उसकी जान गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी जांच के दायरे में
श्रवण का पोस्टमार्टम डॉ. एनएन बोले ने किया था। रिपोर्ट में सिर पर किसी भारी और भोथरी वस्तु से लगी गंभीर चोट को मौत की वजह बताया गया था। जांच के दौरान डॉक्टर की अन्य पोस्टमार्टम रिपोर्टों को लेकर भी सवाल उठे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने CBI को सौंपी जांच
अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य पुलिस की जांच पर अविश्वास जताते हुए मामला सीबीआई को सौंप दिया था। शीर्ष अदालत ने पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश भी दिया था। साथ ही हिरासत में हिंसा के लिए जिम्मेदार पुलिस या जेल अधिकारियों को नहीं बख्शने की बात कही थी।
सीबीआई ने सीपत थाने के पूर्व और तत्कालीन प्रभारियों, विवेचक, जेल अधीक्षक, जेलर, प्रहरी और अन्य संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं। अब सुनवाई में जांच और जिम्मेदारी तय करने से जुड़े पहलुओं पर नजर रहेगी।



