CGPSC SCAM | टामन सोनवानी की जमानत पर फैसला सुरक्षित!
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और सीबीआई ने अपनी दलीलें रखीं। अब सबकी नजर अदालत के अंतिम फैसले पर है।
45 लाख रुपये की रिश्वत का आरोप
यह मामला वर्ष 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों से जुड़ा है। सीबीआई का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में पद का दुरुपयोग कर कुछ उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाया गया और रिश्तेदारों के चयन में मदद की गई।
जांच एजेंसी के मुताबिक, बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के निदेशक श्रवण कुमार गोयल ने अपने बेटे और बहू को डिप्टी कलेक्टर बनवाने के लिए कथित तौर पर 45 लाख रुपये दिए थे। सीबीआई ने सोनवानी को नवंबर 2024 में गिरफ्तार किया था। वह तब से जेल में हैं।
प्रश्नपत्र लीक का भी आरोप
मामले में परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने, रिश्वत लेने और चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप भी लगाए गए हैं। सीबीआई की जांच में कुछ अभ्यर्थियों को कथित तौर पर लाभ पहुंचाने की साजिश का दावा किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होना बाकी है।
अब जमानत पर फैसला बाकी
भर्ती परिणामों में प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों के चयन को लेकर विवाद के बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। अब दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार है। अदालत का निर्णय तय करेगा कि सोनवानी को जमानत मिलेगी या उन्हें जेल में रहना होगा।



