CG DHAN KHARIDI | धान खरीदी में बड़ा बदलाव, अब फिंगरप्रिंट जरूरी!

रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी सीजन से पहले किसानों के लिए जरूरी खबर है। नई व्यवस्था के तहत खरीदी केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसान या उनके अधिकृत नॉमिनी का बायोमेट्रिक सत्यापन यानी फिंगरप्रिंट जरूरी होगा। साथ ही टोकन में दर्ज धान की मात्रा की जांच करना भी जरूरी है।
अब सिर्फ OTP से नहीं बनेगी बात
नई व्यवस्था में किसान को खरीदी केंद्र पर अपनी पहचान फिंगरप्रिंट के जरिए सत्यापित करानी होगी। अगर किसान खुद केंद्र नहीं पहुंच सकता, तो उसका अधिकृत नॉमिनी धान बेच सकेगा। लेकिन नॉमिनी का नाम संबंधित रिकॉर्ड में दर्ज होना चाहिए और उसे भी बायोमेट्रिक सत्यापन कराना होगा।
टोकन में कितनी मात्रा लिखी है, जरूर देखें
धान बेचने से पहले किसान अपने टोकन में दर्ज मात्रा की जांच कर लें। उदाहरण के तौर पर, 120 क्विंटल धान के लिए दो टोकन जारी हुए हैं, तो उनमें 60-60 क्विंटल दर्ज हो सकता है। एक से ज्यादा टोकन मिलने पर सभी में लिखी मात्रा और कुल योग जरूर मिलाएं।
100 क्विंटल का टोकन, धान सिर्फ 80 क्विंटल?
अगर टोकन में 100 क्विंटल धान दर्ज है, लेकिन किसान 80 क्विंटल ही लेकर पहुंचता है, तो बाकी 20 क्विंटल के संबंध में लागू नियमों के अनुसार प्रक्रिया होगी। इसलिए टोकन बनवाने से पहले वास्तविक उपज का हिसाब लगाना जरूरी है।
किसानों को सलाह है कि खरीदी केंद्र जाने से पहले टोकन की तारीख, दर्ज मात्रा और नॉमिनी के रिकॉर्ड की जांच कर लें। मात्रा में अंतर होने पर संबंधित सहकारी समिति से पहले ही जानकारी लेना बेहतर होगा।



