BSP SCAM CLAIM | 10 हजार करोड़ की चोरी का दावा, विधायक ने फिर की CBI जांच की मांग

भिलाई। BSP से करीब 250 टन लौह स्क्रैप चोरी के मामले में पुलिस की जांच अब चोरी के स्क्रैप को खरीदने और खपाने वालों तक पहुंच गई है। रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड, रसमड़ा के MD विनोद कुमार गर्ग और डायरेक्टर संदीप कुमार सिंह को 18 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। दोनों को कोर्ट ने न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक 21 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
10 हजार करोड़ का दावा किसका?
वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने दावा किया है कि BSP में पिछले करीब 40 वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का लोहा चोरी हुआ हो सकता है। उन्होंने पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है। यह आंकड़ा विधायक का दावा है, उपलब्ध पुलिस रिपोर्ट में 10 हजार करोड़ रुपए की चोरी की पुष्टि नहीं की गई है।
विधायक ने इस मामले में अलग-अलग स्तरों पर जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की मांग भी की है। इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
जांच 250 टन स्क्रैप से शुरू हुई
मामले में 26 मई को अकलोरडीह स्थित एके ट्रेडर्स से करीब 250 टन लौह स्क्रैप बरामद किया गया था। पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि BSP से चोरी किया गया स्क्रैप पहले गोदाम में पहुंचाया जाता था और फिर रसमड़ा स्थित औद्योगिक इकाई में खपाए जाने से जुड़ी कड़ियां मिलीं।
पुलिस ने पहले मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ी और अब रसमड़ा की कंपनी के दो वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची है।
अब खरीदारों और खपाने वालों पर फोकस
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान चोरी के स्क्रैप को रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड में खपाए जाने से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले। इसी आधार पर विनोद गर्ग और संदीप सिंह की गिरफ्तारी की गई। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और मामले की विवेचना अभी जारी है।
विधायक ने CBI जांच की मांग दोहराई
रिकेश सेन का कहना है कि मामला सिर्फ 250 टन स्क्रैप चोरी तक सीमित नहीं है और पुराने मामलों की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने व्यापक जांच के लिए CBI जैसी केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। हालांकि, 10 हजार करोड़ रुपए के आंकड़े की स्वतंत्र या पुलिस स्तर पर पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।



