CHHATTISGARH | फिर किराए के हेलीकॉप्टर-विमान! कितना होगा खर्च?
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार अब अगले तीन साल के लिए जरूरत पड़ने पर निजी हेलीकॉप्टर और एयरोप्लेन किराए पर ले सकेगी। विमानन निदेशालय ने VIP-VVIP मूवमेंट और एयर एंबुलेंस सेवाओं के लिए ऑपरेटरों का पैनल बनाने टेंडर जारी किया है।
टेंडर के मुताबिक विमान या हेलीकॉप्टर As-and-When-Required Basis पर लिए जाएंगे। यानी जरूरत पड़ने पर पैनल में शामिल ऑपरेटरों से चार्टर सेवा ली जा सकेगी। टेंडर 22 सितंबर 2026 को जारी हुआ है और बोली जमा करने की अंतिम तारीख 22 अक्टूबर है।
अब नजर खर्च पर भी है। विधानसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक 2019 से नवंबर 2023 तक निजी हेलीकॉप्टर और विमानों के किराए पर करीब 264.27 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। इसमें निजी हेलीकॉप्टर पर करीब 190.62 करोड़ और निजी विमान पर करीब 73.66 करोड़ रुपए का भुगतान बताया गया था।
इसके अलावा 2021-22 से 31 जनवरी 2025 तक ही निजी हेलीकॉप्टर सेवाओं पर करीब 249.15 करोड़ रुपए खर्च होने की जानकारी विधानसभा में दी गई थी।
नए पैनल के जरिए VIP-VVIP दौरे, आपदा राहत और मेडिकल इमरजेंसी जैसी जरूरतों में चार्टर विमान उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। हालांकि, नए टेंडर के बाद कुल वास्तविक खर्च कितना होगा, यह भविष्य में होने वाली उड़ानों और उनके किराए पर निर्भर करेगा।



