छत्तीसगढ़

अस्पतालों की गुणवत्ता में सुधार हो, दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा पर विशेष ध्यान दें- टी.एस.सिंहदेव

स्वास्थ्य मंत्री द्वारा संभागीय स्तर पर विभागीय कार्यों की समीक्षा

बिलासपुर 17 जनवरी 2019। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार
कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी, बीस सूत्रीय,
वाणिज्यिककर मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने आज स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की
संभाग स्तर पर समीक्षा की। उन्होंने अस्पतालों मंे गुणवत्ता सुधार करने,
दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा पर विशेष ध्यान देने और स्वास्थ्य
सेवाओं के उन्नयन के लिये निजी क्षेत्रों की मदद लेने का निर्देश दिया।
कलेक्टर कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में बिलासपुर विधायक श्री
शैलेष पाण्डेय, तखतपुर विधायक श्रीमती रश्मि सिंह ठाकुर, स्वास्थ्य विभाग की
सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, संचालक श्री आर.प्रसन्ना, छत्तीसगढ़ मेडिकल
सर्विस कार्पोरेशन के एमडी श्री सर्वेशचन्द्र भूरे, चिकित्सा शिक्षा विभाग के
संचालक श्री डाॅ.एम. के. चन्द्राकर विशेष रूप से उपस्थित थे।
बैठक में संभाग के सभी अस्पतालों में चिकित्सक एवं अन्य स्टाॅफ के रिक्त पदों
के संबंध मंे चर्चा की गई। मंत्री श्री सिंहदेव ने कहा कि सिम्स मेडिकल काॅलेज
के संबंध में बहुत सी शिकायतें हैं जिनका निराकरण होना चाहिये। संभाग आयुक्त
को निरंतर निरीक्षण करने के निर्देश दिये। अस्पताल की सेवा में सुधार के लिये
निजी चिकित्सकों की सेवायें भी लेने कहा गया। श्री सिंहदेव ने कहा कि रात में
भी गायनिक विशेषज्ञ की व्यवस्था सुनिश्चित करें, जिससे मरीजों को परेशानी न
हो। मुंगेली जिला अस्पताल में रात के समय स्टाॅफ नहीं रहने की शिकायते हैं इस
संबंध में औचक निरीक्षण कर कार्रवाई करने कहा गया। जिन पीएचसी, सीएचसी में
विशेषज्ञ बैठते हैं उन्हें जिला अस्पताल में बैठाया जाए। संस्थागत प्रसव की
समीक्षा की गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में एफआरयू यूनिट में बहुत
सुधार की जरूरत बताई गई। कुपोषित बच्चों को सुपोषण के स्तर पर लाने के लिये
जिला अस्पतालों मंे एनआरसी सेंटर कार्यरत हैं। इनकी उपयोगिता बढ़ाने का निर्देश
दिया गया। श्री सिंहदेव ने कहा कि आंगनबाड़ी में प्रतिमाह डाॅक्टर जायें और
कुपोषित बच्चों की जांच करें। चिरायु योजना की समीक्षा की गई। चिरायु टीम
स्कूल या आंगनबाड़ी में बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिये जब जायें तो इसकी
जानकारी वहां के लोगों को हो साथ ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को भी सूचना
दें। चिरायु का लाभ हर बच्चे को मिलना चाहिये। संभाग में लेप्रोसी की ज्यादा
समस्या को देखते हुए सभी कलेक्टर्स को विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया।
मितानिनों का भुगतान समय पर करने का निर्देश दिया गया। ब्लड बैंक की सेवा
सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिये गये जिससे आवश्यकता अनुसार मरीजों
को समय पर रक्त उपलब्ध हो सके। चिरायु टीम के माध्यम से सिकलसेल की जांच की
जाती है। इसकी माॅनिटरिंग अच्छे से की जाये। सिकलसेल के मरीजों की काउंसिलिंग
करने और मेलों आदि में स्टाॅल लगाकर सिकलसेल व अन्य बीमारियों की जांच करने का
निर्देश दिया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने सभी जिला कलेक्टर्स से कहा कि हेल्थ और
वेलनेस सेंटर उनकी प्राथमिकता वाले कार्यों में शामिल रहे और रूचि लेकर
अस्पतालों की माॅनिटरिंग करें।
बैठक में बिलासपुर कलेक्टर श्री संजय अलंग, कोरबा कलेक्टर श्री अब्दुल कैसर
हक, मुंगेली कलेक्टर श्री डोमन सिंह, जांजगीर कलेक्टर श्री नीरज बंसोड़,
संयुक्त संचालक स्वास्थ्य श्रीमती डाॅ.मधुलिका सिंह, सहित संभाग के सभी जिलों
के चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थे।

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