CG VOTER LIST | मतदाता सूची पर घमासान …

रायपुर। छत्तीसगढ़ में चल रहा मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण अभियान अब प्रशासनिक प्रक्रिया से निकलकर सियासी रणक्षेत्र बन चुका है। आंकड़े चौंकाने वाले हैं। ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले ही चुनाव आयोग को नाम विलोपन के लिए 27 लाख 40 हजार 759 फार्म-7 मिल चुके हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे नामों की है जिन्हें ‘अनकलेक्टेबल’ बताया गया है।
वहीं दूसरी तरफ नए मतदाता भी बड़ी संख्या में सामने आए हैं। ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद अब तक 79,787 फार्म 6/6ए नए नाम जोड़ने के लिए, 2,140 फार्म-7 नाम हटाने के लिए और 23,096 फार्म-8 नाम सुधार के लिए जमा हुए हैं। इससे साफ है कि युवा, नवविवाहित और स्थानांतरित मतदाता अपने मताधिकार को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क हुए हैं।
15 दिन में सवा करोड़ से ज्यादा दावे-आपत्तियां
23 दिसंबर 2025 से 7 जनवरी 2026 शाम चार बजे तक सिर्फ 15 दिनों में 1 करोड़ 84 लाख 95 हजार 920 दावे और आपत्तियां दर्ज की गईं। इन आंकड़ों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। आने वाले चुनाव से पहले मतदाता सूची ही सबसे बड़ा राजनीतिक हथियार बनती नजर आ रही है।
बीजेपी-कांग्रेस सबसे आगे
राष्ट्रीय दलों में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस सबसे ज्यादा सक्रिय दिखीं।
बीजेपी ने 20,017 बीएलए के जरिए 183 नाम शामिल कराने के दावे किए।
कांग्रेस ने 17,681 बीएलए सक्रिय करते हुए नाम जोड़ने के लिए आवेदन दिए।
बीएसपी ने 501 बीएलए, आम आदमी पार्टी ने 119 बीएलए और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने 528 आवेदन प्रस्तुत किए।
कुल मिलाकर राजनीतिक दलों की ओर से 38,846 दावे और आपत्तियां दाखिल हुईं, जिनमें से 228 मामलों पर कार्रवाई हो चुकी है।
एफिडेविट से एक भी मामला नहीं
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 2(ग) के तहत शपथपत्र के जरिए न तो नाम जोड़ने और न ही हटाने का कोई आवेदन आया है। यानी अब तक सारे दावे सीधे मतदाताओं या राजनीतिक दलों के माध्यम से ही पहुंचे हैं।
अधिकारियों का साफ संदेश
रायपुर के उप निर्वाचन अधिकारी नवीन ठाकुर का कहना है कि यह अभियान मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने के लिए है। केवल वही आवेदन मान्य होंगे जो तय फार्म और जरूरी घोषणा के साथ जमा किए गए हों। बिना दस्तावेज या सामान्य शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।



