नेशनल

दिल्ली : मंत्री कैलाश गहलोत के यह 120 करोड़ के चोरी के सबूत बरामद

ऑफिस ब्वॉय, चपरासी के नाम लिया था कर्ज

आयकर विभाग को दिल्ली के कैबिनेट मंत्री कैलाश गहलोत के घर में छापेमारी के दौरान 120 करोड़ रुपये की कर चोरी के दस्तावेज मिले हैं। विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने हिन्दुस्तान को बताया है कि 60 घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान ये सबूत मिले। अधिकारी के मुताबिक, कैलाश गहलोत के घर पर अभी जांच जारी है। ऐसे में कर की चोरी की राशि में बदलाव हो सकता है। उन्होंने बताया कि मंत्री के घर से ऐसे दस्तावेज मिले हैं जिससे पता चलता है कि ऑफिस ब्वॉय, चपरासी और अन्य कर्मचारियों के नाम पर कर्ज लिए गए हैं। साथ ही विभिन्न फर्जी कंपनियों के 70 करोड़ के शेयर भी इनके नाम पर थे।
अधिकारी ने यह भी कहा कि विभाग को हमें कर्मचारियों के नाम से बेनामी संपत्तियों और ड्राइवर के नाम पर एक जमीन का पता चला है। साथ ही जांच में गहलोत की दुबई की संपत्ति में निवेश करने का भी पता चला है।
दिल्ली के परिवहन मंत्री पर आयकर छापे के बाद भड़के सीएम अरविंद केजरीवाल
दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने शनिवार को उन खबरों का खंडन किया जिनमें कहा जा रहा है कि उनके घर 60 घंटे तक चली आयकर विभाग की छापेमारी में 100 करोड़ रुपये की संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं। गहलोत की लीगल टीम की ओर से जारी बयान में कहा गया कि घर से सिर्फ 11 लाख रुपये नकद मिले हैं। इनका हिसाब भी उनके पास है।
आयकर विभाग की टीम ने गहलोत के 16 ठिकानों पर रेड की थी। करीब 60 घंटे तक आयकर अफसरों की टीम ने कागजात खंगाले। गहलोत के परिवार से जुड़ी दो कंपनियों के ठिकानों पर भी छापे मारे गए। इसके बाद गहलोत के घर से 100 करोड़ की संपत्ति के दस्तावेज मिलने की बात सामने आई थी। सूत्रों के मुताबिक, उनके कर्मचारी के नाम भी बेनामी संपत्ति की बात सामने आई। शनिवार को परिवहन मंत्री की तरफ से पहली बार आयकर जांच पर बयान जारी किया गया।
बच्चों की किताबें तक खंगाली
गहलोत की ओर से जारी बयान में कहा गया है घर पर उनके बच्चों की पाठ्य पुस्तकों, स्कूल प्रतियां, किताबों और बिस्तरों तक की जांच की। मंत्री ने दावा किया है कि केवल 11 लाख रुपये मिले हैं। घर से जो जेवरात मिले हैं, उनका भी पूरा हिसाब-किताब है। आम आदमी पार्टी पहले ही इस छापेमारी को राजनीति से प्रेरित बता चुकी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button