छत्तीसगढ़

मंत्री पद की शपथ के दो घंटे के भीतर किसानों की कर्ज माफी

रायपुर। भूपेश बघेल ने आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के दो घंटे के भीतर किसानों की कर्ज माफी की घोषणा  की। कैबिनेट की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि ये प्रदेश किसानों का है।
किसान हमारे अन्नदाता हैं। किसानों के लगभग 6100 करोड़ की ऋण माफी का आज फैसला लिया गया है। किसानों को 2500 रुपये समर्थन मूल्य भी मिलेगा। पुराने दिनों की याद करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहते हुए हमने बहुत सारे थानों में एफआईआर कराए थे। वो सारी बातें जेहन में हैं। ये कांग्रेस की सरकार है।
सामूहिक नेतृत्व में काम होगा। हमने यह भी निर्णय लिया है कि फिजूलखर्ची पर रोक लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि झीरम घाटी मामले की जांच के लिए एसटीआई के गठन का आदेश दे दिया गया है।
नक्सली समस्या को लेकर सवाल किए जाने पर उन्होंने कहा कि देखना यह होगा कि जो पीड़ित पक्ष है वह क्या चाहता है। पीड़ित पक्ष जंगल में रह रहे हमारे आदिवासी भाई हैं। नक्सलवाद जैसी गंभीर समस्या एक झटके में ठीक नहीं की जा सकती।
पिछली सरकार बंदूक की नोक पर इसका समाधान ढूंढ रही थी। मैं ऐसा नहीं मानता। यह सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक समस्या है। हम पीड़ित पक्ष से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश करेंगे। बस्तर में गोलियां दोनों तरफ से चलती हैं।
चाहे वह नक्सलियों की तरफ से चले या पुलिस की तरफ से, मारे आदिवासी जाते हैं। पूर्ण शराब बंदी के सवाल पर आपका क्या रुख रहेगा पूछने पर उन्होंने कहा कि घोषणा पत्र में जो कहा है लागू करेंगे। तूरंत में शराब बंदी पर निर्णय नहीं लिया जा सकता।
जहां पांचवीं अनुसूची लागू है उन ग्रामों में ग्राम सभा के निर्णय के बिना शराब बंदी लागू करना संभव नहीं। कुछ राज्य जहां पूर्ण शराब बंदी हुई वहां का अनुभव लेंगे। फिर पूर्ण शराब बंदी की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
उन्होंने बताया कि आज जन घोषणा पत्र चीफ सेक्रेटरी व अन्य अफसरों को दे दिया गया है। कोशिश रहेगी घोषणा पत्र में जो वादे किए गए हैं उन पर जल्द अमल हो। उन्होंने बताया कि आठवीं अनुसूची से जुड़ा कोई तकनीकी दिक्कत थी, इसीलिए आज मुख्यमंत्री पद की शपथ छत्तीसगढ़ी के बजाय हिन्दी में लेनी पड़ी। 

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