छत्तीसगढ़

माता की आराधना के 9 दिन शुरू, देवी मंदिरों में उमड़ी भीड़

शनिवार से 14 अप्रैल तक चलेंगे, हिंदू नववर्ष धूमधाम से मनाने की तैयारी

रायपुर । चैत्र नवरात्रि आज शनिवार से शुरू हो गई है। चैत्र नवरात्रि का आज पहला दिन है। चैत्र नवरात्रि में ऋतुओं का मिलन होता है। इस समय ठंड का मौसम खत्म होता है और गर्मियां शुरू हो जाती हैं। नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रुपों की पूजा की जाती है। हर दिन अलग-अलग देवी के रुप की पूजा करते समय विशेष रंग का प्रयोग किया जाता है।
शक्ति उपासना का पर्व शनिवार से प्रारंभ हो रहा है। इसके साथ ही नौ दिनों तक श्रद्धालु मातारानी की भक्ति में लीन नजर आएंगे। मंदिरों और माता के दरबार में जसगीत की धूम रहेगी। शहर के प्रमुख देवी मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। वहीं नवसंत्वसर यानि हिंदू नववर्ष धूमधाम से मनाने की तैयारी की गई है। शनिवार से माता की आराधना के 9 दिन शुरू हो गए हैं, जो 14 अप्रैल तक चलेंगे। इस बार नवरात्रि रेवती नक्षत्र में शुरू हो रही है। नवरात्रि के पूरे 9 दिनों में 5 बार सर्वार्थसिद्धि योग और दो बार रवि योग का संयोग बन रहा है, जो विशेष फलदाई माना जा रहा है। नवरात्रि पर घटस्थापना के लिए सुबह 6.10 बजे से लेकर 10.20 बजे तक शुभ मुहूर्त है। इसके बाद दोपहर 11.58 बजे से 12.49 बजे तक अभिजीत मुहूर्त में भी घटस्थापना करना श्रेष्ठ होगा। सर्वार्थ सिद्धि योग किसी भी तरह की पूजा और कार्य का शुभारंभ करने के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
इस नवरात्रि में 5 बार सर्वार्थ सिद्धि योग पड़ रहा है। द्वितीया तिथि 7 अप्रैल, चतुर्थी 9 अप्रैल, पंचमी 10 अप्रैल, सप्तमी 12 अप्रैल और नवमी 14 अप्रैल को सर्वार्थ सिद्धि योग में नए कार्य करना विशेष फलदाई होगा. षष्ठी तिथि 11 अप्रैल और नवमी तिथि 14 अप्रैल को रवि पुण्य योग का संयोग है। इस योग में किसी भी तरह की खरीदारी करना अथवा नया कार्य करना श्रेष्ठ माना जाता है।
ज्योतिषाचार्य अरुणेश शर्मा ने बताया कि इस बार नवरात्र शनिवार से शुरू हो रहे हैं। भगवान शनि जनता के कारक हैं। सलिए इस बार जनता की इच्छाओं के मुताबिक जो लोग कार्य करेंगे वो जरूर सफल होंगे। नवरात्रि में हर दिन के लिए एक विशेष रंग होता है। माता की पूजा, प्रसाद और श्रृंगार के समय उस खास रंग का ध्यान रखा जाता है। नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री की आराधना का दिन होता है। मां शैलपुत्री का पसंदीदा रंग लाल है, जो कि उल्लास, साहस और शक्ति का रंग माना जाता है। राजधानी के प्राचीन मां महामाया मंदिरमें 10 हजार 531 आस्था की ज्योति कलश जलवाने के लिए श्रद्धालुओं ने पंजीयन कराया है। इसी तरह शहर के सभी छोटे-बड़े देवी मंदिरों को सजाया गया है। सुबह से देवी मंदिरों में अभिषेक पूजन के साथ घर-घर मां दुर्गा की आरती पूजा शुरू हो गई। श्रद्धालु पूजन सामग्री तथा उपवास रखने के लिए फल-फूल, फलहारी आदि सामग्री खरीदने में जुटे रहे।
गायत्री शक्तिपीठ में 24 हजार मंत्रों का जाप
नवरात्रि पर्व पर समता कॉलोनी स्थित गायत्री शक्ति पीठ में 24 हजार गायत्री मंत्रों का जाप होगा। गायत्री माता के दरबार को बिजली के झालरों से आकर्षक ढ़ंग से सजाया गया है।
प्रमुख देवी मंदिरों में कहां कितनी ज्योति
महामाया मंदिर – 10,531
बंजारी धाम – 8500
कालीमाता – 3500
दंतेश्वरी माता – 1400
कंकाली माता – 900
शीतला माता – 900

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