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द कश्‍मीर फाइल्‍स के नाम पर 47 लाख का फ्रॉड, देश में आए कई मामले, लोग ऐसे हो रहे शिकार

नई दिल्‍ली. कश्‍मीरी हिंदुओं के ऊपर बनी फिल्‍म द कश्‍मीर फाइल्‍स को लेकर अब नई मुसीबत पैदा हो गई है. देश भर में इस फिल्‍म को लेकर मिल रहे अच्‍छे रिस्‍पॉन्‍स को अब अपराधियों ने भुनाना शुरू कर दिया है. ऐसे में साइबर हैकिंग और फ्रॉड करने वाले लोगों का अगला निशाना द कश्‍मीर फाइल्‍स फिल्‍म के दर्शक बन रहे हैं. हाल ही में देश की राजधानी दिल्‍ली सहित उत्‍तर प्रदेश और बिहार में इस फिल्‍म के नाम पर फ्रॉड के बड़े मामले सामने आए हैं. जिसमें अपराधियों ने लोगों के अकाउंट से न केवल पैसे उड़ाए हैं बल्कि अकाउंट खाली तक कर दिए हैं.

दिल्‍ली पुलिस के साइबर क्राइम एडवाइजर और इंडियन साइबर आर्मी के चेयरमैन, जाने माने साइबर एक्‍सपर्ट किसलय चौधरी ने न्‍यूज 18 हिंदी से बातचीत में बताया कि हाल ही में आई विवेक रंजन अग्निहोत्री की फिल्‍म द कश्‍मीर फाइल्‍स के नाम से अपराधियों ने लोगों को लाखों की चपत लगा दी है. दिल्‍ली में ऐसे तीन मामले आए हैं, जिनमें दो मामले दरियागंज साइबर सेल और जनकपुरी साइबर सेल के हैं. इस फिल्‍म के नाम पर फ्रॉड का सबसे बड़ा मामला 47 लाख रुपये का आया है. जिसमें साइबर हैकर्स ने एक कंपनी के सीईओ रैंक के अधिकारी का पूरा अकाउंट ही खाली कर दिया है. इस मामले में अपराधी ने पीड़‍ित व्‍यक्ति से कश्‍मीरी हिंदुओं के नाम पर 100 या 200 रुपये का चंदा मांगा था और ऑनलाइन पैसा ट्रांस्‍फर करने के लिए कहा था. इस प्रक्रिया को करने के बाद ही वह फ्रॉड के इस जाल में फंस गए और मिनटों में पूरा अकाउंट खाली हो गया. फिलहाल इस मामले में जांच चल रही है.

किसलय बताते हैं कि दिल्‍ली में अन्‍य दो मामले कुछ कम धनराशि के हैं. इनके अलावा दो मामले बिहार राज्‍य से भी आए हैं जिनमें वहां के पुलिस अधिकारियों ने दिल्‍ली साइबर सेल से इस प्रकार के मामलों को सुलझाने को लेकर जानकारियां शेयर करने के लिए कहा है. इसके अलावा यूपी में भी इस फिल्‍म के नाम पर फ्रॉड का मामला सामने आया है. चौधरी कहते हैं कि ये वे मामले हैं, जिनमें इंडियन साइबर आर्मी पूरी तरह काम कर रही है. जबकि जानकारी मिली है कि उत्‍तर प्रदेश और बिहार में खातों से पैसे उड़ाने के कई मामले सामने आ चुके हैं. कई मामलों में चंदा मांगा जा रहा है तो कुछ मामले फिल्‍म की लिंक से संबंधित भी आए हैं. इस दौरान जैसे ही किसी व्‍यक्ति ने फिल्‍म देखने के लिए लिंक पर क्लिक किया, वैसे ही उसके पेटीएम या फोन पे के माध्‍यम से अकाउंट से पैसे गायब हो गए.

अपराधी अपना रहे ये दो तरीके
किसलय चौधरी ने बताया कि द कश्‍मीर फाइल्‍स मूवी अभी थिएटर्स में आई है, जबकि सोशल मीडिया सहित आम लोगों के मुंह से इसकी तारीफ सुनकर हर कोई इस फिल्‍म को देखना चाहता है. इतना ही नहीं बहुत सारे लोग कश्‍मीरी हिंदुओं को लेकर भावनात्‍मक लगाव भी रख रहे हैं और अगर उनकी मदद की बात आती है तो आगे आ रहे हैं, लिहाजा इन्‍ही सेंटीमेंट का फायदा अपराधी उठा रहे हैं.

कश्‍मीर फाइल्‍स मूवी की लिंक भेजकर
चौधरी ने बताया कि धोखाधड़ी के कई मामलों में द कश्‍मीर फाइल्‍स मूवी की लिंक भेजी जा रही है. इस लिंक के साथ एक टैक्‍स्‍ट होता है. इसमें कहा जा रहा है कि यह लिंक बड़ी मुश्किल से मिली है, इसमें पूरी फिल्‍म है. आपको थिएटर जाकर पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं है, अब फ्री में फोन पर ही ये मूवी देख सकते हैं. इस लिंक पर जैसे ही कोई व्‍यक्ति क्लिक करता है तो वह खुल जाती है और फोन में से सारी डिटेल्‍स हैकर के पास पहुंच जाती है. इस दौरान फोन नंबर से जुड़े आपके बैंक अकाउंट तक पहुंचने की कोशिश करता है और पैसे उड़ा लेता है. कई बार यह लिंक कुछ मिनट चलती है, जबकि कई बार यह सिर्फ फर्जी लिंक होती है.

कश्‍मीरी हिंदुओं के नाम पर चंदा और ओटीपी मांगकर
किसलय ने बताया कि दिल्‍ली में जो 47 लाख का मामला हुआ है उसमें लिंक नहीं भेजी थी बल्कि सीधे फोन कर कश्‍मीरी फाइल्‍स का जिक्र करते हुए कश्‍मीरी हिंदुओं के लिए चंदा मांगा था. अपराधी ने 100 या 200 जो भी संभव हो चंदा देने के लिए कहा और एक अकाउंट नंबर दिया. जैसे ही पीड़‍ित ने उसमें पैसे ट्रांसफर किए. उसके कुछ मिनट बाद दोबारा फोन आया और एक ओटीपी शेयर करने के लिए कहा गया. पीड़‍ित ने पूछा कि यह क्‍यों तो बताया गया कि जो लोग चंदा दे रहे हैं उनके नाम दर्ज किए जा रहे हैं और उनका डेटा तैयार किया जा रहा है कि किस किसने कितने रुपये दिए हैं, ये निजी और आंतरिक प्रक्रिया है करनी जरूरी है. इसके बाद जैसे ही ओटीपी दिया गया, उसके बाद अकाउंट खाली हो गया.

चौधरी कहते हैं और भी कई मामले ओटीपी वाले सामने आए हैं. जिनमें कश्‍मीरी फाइल्‍स के नाम पर कुछ पैसा देने पर ओटीपी मांगा गया है और लोगों ने भलाई सोचकर दे दिया और इसके बाद उन्‍हें पैसे से हाथ धोना पड़ गया.

पंजाब से कनेक्‍शन आया सामने
साइबर एक्‍सपर्ट बताते हैं कि दिल्‍ली में जो फ्रॉड के मामले हुए हैं उनमें पंजाब से कनेक्‍शन सामने आया है. देखा गया है कि जहां से फ्रॉड किया गया, वह पंजाब में ही किसी जगह से हुआ है. फिलहाल साइबर एक्‍सपर्ट की टीम और राज्‍यों की पुलिस टीमें मामलों की जांच कर रही हैं.

बेहद सावधानी बरतें लोग
किसलय कहते हैं कि इस समय लोगों को बेहद सावधान होने की जरूरत है. वे ये काम कर सकते हैं.

किसी भी अप्रत्‍याशित या अनजान द्वारा भेजी गई किसी भी लिंक पर क्लिक न करें. फिर चाहे किसी फिल्‍म के नाम से हो या, किसी घटना के नाम से हो या किसी लाभ की स्‍कीम के नाम से हो. अगर फ्री की बात कहकर कोई लिंक आई है फिर तो किसी कीमत पर न खोलें. कोशिश करें कि उसे बिना क्लिक किए ही व्‍हाट्सएप से डिलीट कर दें. अगर कोई अनजान नंबर से आई है तो उस नंबर को भी ब्‍लॉक कर दें.
.अगर कहीं से फोन आता है और चंदा मांगा जाता है तो पहले तो चंदा न दें. उसकी जांच करें. अगर मान लीजिए चंदा देना भी है तो जो व्‍यक्ति बात कर रहा है उसे अकाउंट, ओटीपी, डेबिट कार्ड का नंबर, डेबिट कार्ड का सीवीवी नंबर, फोन नंबर, बैंक या फोन पे या पेटीएम संबंधी कोई भी डिटेल शेयर न करें. फोन पर आया वन टाइम पासवर्ड यानि ओटीपी तो किसी भी हालत में शेयर न करें. उल्‍टा उसके खिलाफ शिकायत करें.
. अगर कोई आपकी बैंक के कर्मचारी के रूप में अपना परिचय देता है और मूवी की फ्री टिकट्स या अन्‍य कोई लालच दे रहा है और कहा रहा है कि फलां काम कर दीजिए या अपना फोन नंबर ही बता दीजिए तो उस पर भरोसा न करें. फोन को काट दें या उसको शिकायत करने की धमकी दें.
.अपने फोन में लॉक लगाकर रखें. किसी अनजान व्‍यक्ति को फोन इस्‍तेमाल के लिए न दें. अपने पासवर्ड शेयर न करें. हर चीज का एक ही पासवर्ड न रखें, अलग-अलग रखें. (news18.com)

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