BILASPUR LAND SCAM | जमीन घोटाला उजागर …

बिलासपुर। लिंगियाडीह क्षेत्र में पूर्वजों की करीब 1.80 एकड़ बेशकीमती जमीन को हड़पने का बड़ा मामला सामने आया है। फर्जी दस्तावेजों और कूटरचित रिकॉर्ड के सहारे पिता-पुत्रों ने एक ही जमीन का चार बार नामांतरण करवा लिया। एसडीएम जांच में यह पूरा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है।
आवेदक शिवराज सिंह की शिकायत पर हुई जांच में सामने आया कि भू-माफिया ने 1929 के मिसल बंदोबस्त रिकॉर्ड में हेराफेरी कर करोड़ों की जमीन अपने नाम करवा ली। खसरा नंबर 103/1 की इस जमीन के लिए फर्जी विक्रय पत्र तैयार किए गए और सरकारी तंत्र को गुमराह किया गया।
एसडीएम बिलासपुर की जांच रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी विजय सिंह और बृजभान सिंह ने अपने पिता भुनेश्वर सिंह और अन्य परिजनों के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। वर्ष 1969 से 1973 के बीच ऐसे लोगों के नाम पर रजिस्ट्रियां कराई गईं, जिनका उस समय सरकारी रिकॉर्ड में कोई अस्तित्व ही नहीं था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने छलपूर्वक वर्ष 1974 और फिर 2000 में जमीन का नामांतरण अपने नाम करा लिया। रिपोर्ट में विक्रेताओं के नाम और पूरी प्रक्रिया को संदेहास्पद करार दिया गया है।
चार चरणों में कुल 0.22 एकड़ भूमि का फर्जी नामांतरण किया गया 1969 में दो बार 0.02-0.02 एकड़, 1973 में 0.09 एकड़ और वर्ष 2000 में 0.11 एकड़ जमीन कूटरचित दस्तावेजों से दर्ज कराई गई।
एसडीएम जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि आवेदक के पूर्वज स्व. नारायण सिंह के नाम 1929 के मिसल रिकॉर्ड में 1.80 एकड़ जमीन दर्ज थी, उसी रिकॉर्ड में फर्जी गवाहों और दस्तावेजों के जरिए छेड़छाड़ की गई।
मामले में दोषी पाए जाने के बाद सभी दस्तावेज कलेक्टर कार्यालय भेज दिए गए हैं। आवेदक ने अब कलेक्टर से आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।



