CHHATTISGARH | बैकडेट आदेश पर हाईकोर्ट सख्त, डीईओ को तलब

बिलासपुर, 8 फरवरी। शिक्षक युक्तियुक्तकरण के दौरान एक महिला प्रधानपाठिका की पदस्थापना को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) पर कड़ी नाराज़गी जताई है। अदालत ने डीईओ विजय टांडे को 11 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
मामला चित्ररेखा तिवारी से जुड़ा है, जो शासकीय कन्या माध्यमिक शाला, तारबहार में प्रधानपाठिका के पद पर पदस्थ थीं। युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत उनका तबादला शासकीय माध्यमिक शाला, गतौरा (मस्तूरी विकासखंड) कर दिया गया। हालांकि, वहां पहले से ही एक प्रधानपाठक पदस्थ था, जिसके चलते वे पूर्व पदस्थापना स्थल पर ही कार्य करती रहीं।
शिक्षिका का अभ्यावेदन स्वीकार किए जाने के बावजूद लंबे समय तक नई पदस्थापना का आदेश जारी नहीं हुआ। मानसिक रूप से परेशान होकर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जो 31 जनवरी को पंजीबद्ध हुई।
याचिका दाखिल होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से 30 जनवरी की तारीख में एक नया पदस्थापना आदेश जारी कर उन्हें शासकीय माध्यमिक शाला, फरहदा में पदस्थ दिखाया गया। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि आदेश में जिस केस नंबर का उल्लेख है, वह 31 जनवरी को दर्ज हुआ, जबकि आदेश 30 जनवरी का बताया जा रहा है। इससे बैकडेट में आदेश जारी करने और अदालत को गुमराह करने की आशंका जताई गई।
इस पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए डीईओ को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने का निर्देश दिया है कि आखिर बैकडेट आदेश क्यों जारी किया गया और उसे न्यायालय में क्यों प्रस्तुत किया गया। मामला अब 11 फरवरी को अगली सुनवाई के लिए निर्धारित है।



