CHHATTISGARH | कोर्ट के आदेश के बाद भी FIR नहीं… हाई कोर्ट ने DGP को भेजा नोटिस

रायपुर। छत्तीसगढ़ के अभनपुर में मॉब लिंचिंग का मामला अब पुलिस पर ही भारी पड़ता दिख रहा है। आरोप है कि कोर्ट के साफ आदेश के बाद भी पुलिस ने आरोपियों पर सही कार्रवाई नहीं की।
मामला इतना बढ़ गया कि पीड़ितों को हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। अब हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए DGP को नोटिस भेज दिया है और पूछा है कि आखिर दोषी पुलिसवालों पर क्या कार्रवाई हुई?
पूरा मामला 13 मार्च 2025 का है, जब गांव में काला जादू के शक में एक युवक और उसके परिवार को भीड़ ने बेरहमी से पीटा। हालत ये थी कि उन्हें अर्धनग्न कर गांव में घुमाया गया, मुंह काला किया गया और रातभर बंधक बनाकर रखा गया।
सबसे चौंकाने वाली बात ये सामने आई कि पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय पीड़ितों से कोरे कागज पर साइन करा लिए और मामला दबाने की कोशिश की।
निचली अदालत ने साफ आदेश दिया था कि टोनही प्रताड़ना कानून के तहत FIR दर्ज हो, लेकिन पुलिस ने सिर्फ हल्की धाराओं में मामला दर्ज कर दिया।
अब हाई कोर्ट ने साफ कर दिया है कि मामला गंभीर है। DGP से जवाब मांगा गया है और अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी। यानी अब इस केस में पुलिस की जवाबदेही तय होना तय माना जा रहा है।



