CHHATTISGARH | रेरा का बड़ा फैसला! बिल्डर को झटका

रायपुर। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) ने होम बायर्स के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है। दुर्ग जिले के अमलेश्वर स्थित ‘हर्षित नियोज सिटी’ प्रोजेक्ट में प्रमोटर कंपनी को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वह तुरंत सिंकिंग फंड की पूरी राशि और कॉमन एरिया का नियंत्रण सोसायटी को सौंपे।
यह मामला तब सामने आया जब रेसिडेंशियल को-ऑपरेटिव सोसायटी ने रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में रखरखाव में लापरवाही, कॉमन एरिया न सौंपने और सिंकिंग फंड के ट्रांसफर में अनियमितता जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।
सुनवाई के बाद रेरा ने साफ कहा कि सिंकिंग फंड का अधिकार सिर्फ निवासियों का है और इसका इस्तेमाल केवल मेंटेनेंस और मरम्मत के लिए होना चाहिए। साथ ही रेरा ने रियल एस्टेट रेगुलेशन एक्ट 2016 की धारा 17 का हवाला देते हुए कहा कि प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद कॉमन एरिया का पूरा नियंत्रण सोसायटी को देना अनिवार्य है।
इस फैसले के बाद निवासियों को बड़ी राहत मिली है और अब उन्हें अपने परिसर के प्रबंधन और फैसलों पर पूरा अधिकार मिलेगा।



