CHHATTISGARH | स्कूलों में प्राचार्य ही नहीं! 766 पद खाली

रायपुर. छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के दावों के बीच प्राचार्यों के 766 पद खाली होने की जानकारी सामने आई है। ये रिक्तियां स्कूल शिक्षा विभाग के टी-संवर्ग यानी आदिवासी क्षेत्र के स्कूलों में हैं।
इसके बावजूद फिलहाल सिर्फ 11 व्याख्याताओं को प्राचार्य पद पर पदोन्नति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
17 अगस्त को काउंसलिंग
लोक शिक्षण संचालनालय यानी DPI ने पदोन्नति और पदस्थापना के लिए 17 अगस्त 2026 को इन्द्रावती भवन में काउंसलिंग रखी है। 7 मार्च 2025 को हुई DPC बैठक में 14 शिक्षकों के मामलों पर विचार हुआ था, जिनमें से 11 को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है।
दो शिक्षकों कृष्णचंद यादव और राजेश कुमार सिंह को सेवानिवृत्ति में एक साल से कम समय बचने के कारण प्रक्रिया से बाहर रखा गया है। वहीं रितेश कुमार वैद्य को उनकी वर्तमान संस्था में ही प्राचार्य पद पर पदोन्नति दी जा रही है।
सबसे ज्यादा पद कोंडागांव में खाली
रिक्त पदों में कोंडागांव 93, बलरामपुर 80, कांकेर 78, बस्तर 66, सूरजपुर 59 और बीजापुर 55 पद शामिल हैं। इसके अलावा गरियाबंद 40, जशपुर 39, दंतेवाड़ा 37 और सुकमा में 37 प्राचार्य पद खाली हैं।
कोरबा में 29, एमसीबी 27, नारायणपुर 25, कोरिया 23, सरगुजा 21, रायगढ़ और जीपीएम 17-17, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी 11, बालोद 6, धमतरी 5 और कबीरधाम में एक पद रिक्त है।
आज आपत्ति की आखिरी तारीख
काउंसलिंग सूची और रिक्त पदों को लेकर 13 अगस्त शाम 4 बजे तक दावा-आपत्ति दर्ज की जा सकती है। इसके बाद 17 अगस्त को काउंसलिंग होगी।



