ED PRESS RELEASE | CGPSC से DMF तक करोड़ों का खेल!

रायपुर। छत्तीसगढ़ में दो बड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक साथ बड़ा एक्शन लिया है। ED ने CGPSC भर्ती घोटाले में उत्कर्ष चंद्राकर और DMF फंड मामले में सतपाल सिंह चाबड़ा को 1 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया है। दोनों मामलों में ED की जांच PMLA के तहत चल रही है।
CGPSC केस में क्या मिला?

ED के मुताबिक, 2020 और 2021 की CGPSC राज्य सेवा परीक्षाओं में प्रश्नपत्र आरोपियों के रिश्तेदारों और चुनिंदा अभ्यर्थियों तक निजी बिचौलियों के जरिए पहुंचाए गए। इसके बदले अवैध रकम लेकर डिप्टी कलेक्टर और डिप्टी एसपी जैसे पदों पर कथित तौर पर फर्जी चयन कराने की बात जांच में सामने आई।
जांच के अनुसार, उत्कर्ष चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने CGPSC-2021 का लीक प्रश्नपत्र दिलाने का भरोसा देकर अभ्यर्थियों से 3 करोड़ रुपये से ज्यादा नकद वसूले। ED के मुताबिक, इसमें से करीब 2.80 करोड़ रुपये अनिल चंद्राकर को दिए गए।
ED ने यह भी कहा है कि उत्कर्ष चंद्राकर ने अभ्यर्थियों को प्रभावित करने और पैसे वसूलने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री के PA केके चंद्रवंशी और तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ OSD के नाम, पद और प्रभाव का इस्तेमाल किया।
तलाशी के दौरान ED ने डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े कागजात जब्त किए। उत्कर्ष चंद्राकर को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया है।
DMF केस में करीब 31 करोड़ की कथित कमीशन राशि

दूसरी कार्रवाई DMF फंड के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में हुई। ED के मुताबिक, 2019-20 से 2023-24 के बीच विभिन्न जिलों को DMFT के तहत करीब 9,188.20 करोड़ रुपये मिले। जांच में आरोप है कि इस राशि के एक हिस्से को सप्लाई आधारित कामों में लगाया गया, जहां बढ़ी हुई कीमतों और कमीशन की गुंजाइश थी।
ED का दावा है कि बीज निगम के जरिए कुछ एजेंटों और बिचौलियों ने खरीद आदेश की बेस वैल्यू पर 25% से 50% तक कमीशन लिया और इसका एक हिस्सा सरकारी अधिकारियों व प्रभावशाली लोगों तक पहुंचाया गया।
ED के अनुसार, सतपाल सिंह चाबड़ा इस कथित सिंडिकेट में मुख्य बिचौलियों और वित्तीय समन्वयकों में शामिल था। बैंकिंग लेनदेन और बयानों के विश्लेषण में उसके द्वारा करीब 31 करोड़ रुपये की कथित अवैध कमीशन राशि प्राप्त करने की बात सामने आई।
ED ने सतपाल सिंह चाबड़ा को PMLA के तहत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां उसे 5 दिन की ED कस्टडी में भेजा गया है।
ED ने दोनों मामलों में आगे की जांच जारी होने की बात कही है।


