CHHATTISGARH | SIR पर CG में घमासान! बघेल-बैज-सिंहदेव vs विजय शर्मा
रायपुर। मतदाता सूची के SIR को लेकर देश में चल रही सियासी बहस अब छत्तीसगढ़ में भी गरमा गई है। चुनाव आयोग के दो आयुक्तों की ओर से कथित तौर पर दर्ज की गई 14 लिखित आपत्तियों की इंडियन एक्सप्रेस रिपोर्ट के बाद कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट में SIR, नए वोटरों के रजिस्ट्रेशन, नाम जोड़ने-हटाने और वोटर डेटा से जुड़े मुद्दों पर आपत्तियों का जिक्र है।
SIR के ज़रिये वोट चोरी का मुद्दा राहुल गॉंधी जी लगातार उठा रहे हैं, चुनाव आयोग के भीतर भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर आपत्ति है।
सोचिये किस तरह देश के नागरिकों के वोट चोरी करके भाजपा की सरकार बनवाई जा रही है। pic.twitter.com/W3B1TbsUl1— Deepak Baij (@DeepakBaijINC) September 23, 2026
देश का है आदेश
इस्तीफ़ा दो ज्ञानेश!!“गब्बर” की शाबाशी के लिए दिन-रात अथक काम कर रहे “सांभा” का भेद खुल गया है.
कैसे तीन चुनाव आयुक्त में से दो को बिना जानकारी दिए, बिना सहमति लिए, नियम-क़ानूनों का उल्लंघन किया गया, आज Indian Express की रिपोर्ट से देश के सामने आ गया है.
यह… pic.twitter.com/zkvg0vt7Zj
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) September 23, 2026
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राहुल गांधी की पोस्ट शेयर करते हुए SIR के जरिए कथित “वोट चोरी” का आरोप लगाया। भूपेश बघेल ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और जांच की मांग की। टीएस सिंहदेव ने क्रिकेट अंपायर का उदाहरण देते हुए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
एक छोटी सी कहानी: आपके वोट की चोरी आखिर कैसे होती है?
🏏 कल्पना कीजिए कि आप एक क्रिकेट मैच देख रहे हैं। मैच का अंपायर निष्पक्ष होना चाहिए। लेकिन अचानक आपको पता चलता है कि अंपायर बिना किसी को बताए गुपचुप तरीके से नियम बदल रहा है, ताकि एक खास टीम कभी हारे ही नहीं!
भारत के चुनावों…
— T S Singhdeo (@TS_SinghDeo) September 23, 2026
मामला यहीं नहीं रुका। भूपेश बघेल और डिप्टी सीएम विजय शर्मा के बीच सोशल मीडिया पर भी सीधा वार-पलटवार हुआ। बघेल के पोस्ट पर शर्मा ने तंज कसा, जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच कई पोस्ट का सिलसिला चला।
ये सब करने के बजाय पहले अपना संगठन मजबूत करने पर ध्यान दीजिए, भूपेश जी।
कांग्रेस को निपटाने के मामले में आपका अच्छा स्ट्राइक रेट है, आप जहाँ भी जाते हैं, वहाँ कांग्रेस को ठिकाने लगा देते है|
पंजाब में भी आपकी ही पार्टी के नेताओं ने आपका विरोध किया। अच्छा हुआ कि आप वहाँ लंबे समय… https://t.co/6qwK2hU78F
— Vijay sharma (@vijaysharmacg) September 23, 2026
हालांकि, चुनाव आयोग ने आंतरिक मतभेद की रिपोर्ट को लेकर कहा है कि SIR समेत उसके सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से सर्वसम्मति से लिए गए हैं। आयोग ने कहा कि किसी मुद्दे पर सुझाव या अलग राय होना अंतिम फैसले से असहमति के बराबर नहीं है।
यानी एक तरफ कांग्रेस नेताओं के गंभीर आरोप हैं, दूसरी तरफ चुनाव आयोग का कहना है कि फैसले सर्वसम्मति से हुए। अब SIR को लेकर छत्तीसगढ़ में भी सियासी बहस और तेज होती दिख रही है।



