TARA COAL BLOCK | तारा पर नीलामी के बाद नया सवाल!

रायपुर. हसदेव अरण्य के तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने भाजपा के इस तर्क पर सवाल उठाया है कि अभी सिर्फ नीलामी हुई है, पर्यावरण स्वीकृति समेत बाकी मंजूरियां अभी बाकी हैं।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने सरकार से पूछा है- अगर खनन रोकना है तो क्या सरकार इसकी गारंटी देगी?
कांग्रेस का आरोप है कि तारा कोल ब्लॉक की नीलामी के लिए साय सरकार ने 11 दिसंबर 2025 को केंद्र को पत्र लिखकर अनुशंसा की थी। वहीं, कांग्रेस के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने 23 जून 2023 को तारा समेत 9 कोल ब्लॉकों को नीलामी से बाहर रखने के लिए केंद्र को पत्र लिखा था।
कांग्रेस ने दावा किया है कि तारा ब्लॉक करीब 5,000 एकड़ में फैला है, जिसमें 4,000 एकड़ से ज्यादा घना जंगल है। पार्टी का कहना है कि खनन से 10 लाख से ज्यादा पेड़ों पर असर पड़ सकता है। लेमरू एलिफेंट रिजर्व के आसपास खनन से हाथियों के आवागमन और वन्यजीवों पर भी खतरे की बात कांग्रेस ने कही है।
कांग्रेस ने 2022 में विधानसभा में पारित उस प्रस्ताव का भी हवाला दिया, जिसमें हसदेव अरण्य में नए कोल ब्लॉक के आवंटन या नीलामी पर रोक की मांग की गई थी। पार्टी ने आरोप लगाया कि पहले डीनोटिफाई किए गए ब्लॉकों को सत्ता परिवर्तन के बाद दोबारा नीलामी प्रक्रिया में लाया गया।
अब कांग्रेस की मांग है कि सरकार साफ करे कि तारा में आगे पर्यावरण मंजूरी दी जाएगी या नहीं और क्या यहां कोयला खनन रोका जाएगा।



