CHHATTISGARH | हाईकोर्ट में टकराव!

बिलासपुर. बिलासपुर में Chhattisgarh High Court के अंदर ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कोर्ट के कामकाज पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, एक केस की सुनवाई के दौरान पता चला कि एक वकील का जज से पारिवारिक रिश्ता है। ऐसे में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जस्टिस संजय एस अग्रवाल और जस्टिस एन के व्यास की बेंच ने खुद को केस से अलग करने का फैसला ले लिया।
लेकिन असली विवाद तब शुरू हुआ जब उसी दिन चीफ जस्टिस ऑफिस से एक सर्कुलर जारी हो गया, जिसमें ‘बेंच हंटिंग’ यानी मनचाही बेंच चुनने की कोशिश पर रोक लगाने की बात कही गई।
इस सर्कुलर को डिवीजन बेंच ने गंभीरता से लिया और साफ कहा कि किसी मामले को बेंच हंटिंग मानना या नहीं, ये फैसला खुद बेंच का अधिकार है। ऐसे निर्देश कोर्ट के काम में दखल जैसे लगते हैं।
मतलब साफ है, एक तरफ निष्पक्षता के लिए जज खुद अलग हुए, दूसरी तरफ उसी वक्त आया सर्कुलर अब नए विवाद को जन्म दे रहा है। कोर्ट के अंदर ही इस तरह की स्थिति ने कानूनी हलकों में हलचल बढ़ा दी है।



