CHHATTISGARH | धर्मांतरण पर सख्त कानून पास

रायपुर। छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण को लेकर अब बड़ा और सख्त कानून लागू होने जा रहा है। विधानसभा में लंबी चर्चा के बाद धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026 सर्वसम्मति से पास हो गया। इस बिल में 6 अध्याय और 31 प्रावधान रखे गए हैं, जो सीधे तौर पर अवैध धर्मांतरण पर लगाम लगाने के लिए बनाए गए हैं।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने इस दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब इतने बड़े और संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा की जरूरत थी, तब विपक्ष सदन छोड़कर चला गया। सरकार का दावा है कि यह कानून छत्तीसगढ़ की संस्कृति और सामाजिक संतुलन को बचाने के लिए जरूरी है।
अब इस कानून के तहत अगर कोई जबरन, लालच देकर या धोखे से धर्मांतरण कराता है, तो उसे 7 से 10 साल तक जेल और कम से कम 5 लाख का जुर्माना होगा। वहीं अगर मामला महिला, नाबालिग या एससी-एसटी से जुड़ा है, तो सजा 10 से 20 साल तक हो सकती है।
सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में तो सजा और भी भारी है आजीवन कारावास तक का प्रावधान रखा गया है। साथ ही अब कोई भी व्यक्ति अगर अपनी इच्छा से धर्म बदलना चाहता है, तो उसे पहले जिला प्रशासन को सूचना देनी होगी और 30 दिन तक सार्वजनिक आपत्ति का मौका भी रहेगा।
सरकार का कहना है कि यह कानून नक्सलवाद से भी बड़ी बनती जा रही सामाजिक समस्या को रोकने के लिए जरूरी था, खासकर बस्तर जैसे इलाकों में।



