STATE SERVICE EXAM RESULT | CGPSC ने क्यों काटे 187 नाम?

रायपुर। CGPSC राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 के परिणाम को लेकर उठ रहे सवालों पर आयोग ने स्थिति साफ कर दी है। आयोग ने कहा है कि 795 अभ्यर्थियों की जगह सिर्फ 608 को इंटरव्यू के लिए चिन्हित किया जाना किसी गलती या तकनीकी त्रुटि का नतीजा नहीं है।
CGPSC के मुताबिक, कई अभ्यर्थी निर्धारित न्यूनतम अर्हकारी अंक हासिल नहीं कर सके। इसी वजह से इंटरव्यू के लिए तय संख्या से कम उम्मीदवारों का चयन हुआ।

आयोग के नियमों के अनुसार मुख्य परीक्षा के हर प्रश्नपत्र में अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए कम से कम 33 प्रतिशत, जबकि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 23 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी है।
CGPSC ने साफ कहा कि जो उम्मीदवार किसी भी प्रश्नपत्र में तय न्यूनतम अंक हासिल नहीं कर पाए, उन्हें इंटरव्यू के लिए चिन्हित नहीं किया जा सकता।
रीचेकिंग की मांग पर भी साफ जवाब
परिणाम के बाद पुनर्मूल्यांकन और अंकों की दोबारा गणना को लेकर भी चर्चा चल रही है। इस पर आयोग ने स्पष्ट किया कि परीक्षा नियमों में पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना का कोई प्रावधान नहीं है।
हालांकि चयन परिणाम जारी होने के बाद मेरिट सूची और कटऑफ वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। अभ्यर्थी RTI के जरिए OMR शीट और मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिका से संबंधित जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।
पहचान छिपाकर होता है मूल्यांकन
CGPSC ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का भी जवाब दिया। आयोग के अनुसार मुख्य परीक्षा में प्रश्नवार और पहचान रहित मूल्यांकन प्रणाली अपनाई जाती है। यानी उत्तर जांचने वाले विषय विशेषज्ञ को यह जानकारी नहीं होती कि उत्तर पुस्तिका किस अभ्यर्थी की है।
आयोग ने अभ्यर्थियों से सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारियों से बचने की अपील करते हुए कहा कि इंटरव्यू के लिए अभ्यर्थियों का चिन्हांकन पूरी तरह तय नियमों के अनुसार किया गया है।


