CHHATTISGARH DMF SCAM | लाल डायरी ने बढ़ाई ED की टेंशन!

रायपुर। DMF घोटाले में गिरफ्तार मुख्य लाइजनर सतपाल सिंह छाबड़ा की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। ED के मुताबिक, उसके घर से मिली लाल डायरी में कथित लेन-देन का हस्तलिखित हिसाब दर्ज था। पूछताछ के दौरान छाबड़ा ने कथित तौर पर डायरी के 2-3 पन्ने चबा दिए और एक पन्ना जेब में छिपा लिया। अधिकारियों ने वह पन्ना बरामद कर लिया।
ED ने इस घटनाक्रम को सबूत नष्ट करने की कोशिश माना है। एजेंसी के मुताबिक छाबड़ा पर करीब 31 करोड़ रुपये के कथित अवैध कमीशन के लेन-देन का आरोप है।
जांच में कमीशन की रकम को परिवार, HUF और कारोबारी संस्थाओं के जरिए घुमाकर संपत्तियों में निवेश किए जाने का भी दावा किया गया है। ED के मुताबिक सैंड एग्रीटेक के नाम 19 और सैंड स्टोन इंफ्रा के नाम 11 भूखंड खरीदे गए।
ED का दावा है कि बीज निगम से जुड़े 13 विक्रेताओं से छाबड़ा को 21.33 करोड़ रुपये मिले। इनमें बैंकिंग माध्यम से 11.19 करोड़ और नकद 10.13 करोड़ रुपये शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा अन्य लेन-देन का भी जांच में उल्लेख है।
एजेंसी के मुताबिक 2019 से 2023 के बीच बीज निगम के कामों से जुड़ी कंपनियों के सलाहकार के तौर पर छाबड़ा ने काम किया और परिवहन, लोडिंग-अनलोडिंग व बिलिंग के बदले सामान के मूल मूल्य का 20 से 32 प्रतिशत तक कमीशन लिया गया।
अब ED लाल डायरी के कथित नष्ट पन्नों, करीब 31 करोड़ रुपये की कथित अपराध आय के मनी ट्रेल और पूरे सिंडिकेट से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।


