INDIA THREE TITLES 2026 | भारत का सुपर संडे! 3 खिताब, मचा धमाल …

नई दिल्ली. भारतीय खेलों के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। एक ही दिन भारत ने तीन बड़े एशियाई खिताब अपने नाम कर लिए। सबसे पहले जूनियर महिला हॉकी टीम ने चीन को हराकर एशिया कप जीता। इसके बाद जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने दक्षिण कोरिया को मात देकर खिताब अपने नाम किया। दिन का अंत महिला क्रिकेट टीम की शानदार जीत के साथ हुआ, जिसने श्रीलंका को हराकर महिला टी-20 एशिया कप पर कब्जा जमा लिया।
पहले बेटियों ने किया कमाल

भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने चीन के मोकी में खेले गए फाइनल में मेजबान चीन को 1-0 से हराकर लगातार तीसरी बार जूनियर एशिया कप का खिताब जीता। भारत के लिए निर्णायक गोल सानिका चंद्रकांत माने ने 17वें मिनट में किया।
पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम अजेय रही। भारत ने क्वार्टर फाइनल में पाकिस्तान को 19-0, सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-1 और फाइनल में चीन को 1-0 से हराया। जापान के खिलाफ भारत ने 7-0 और मलेशिया के खिलाफ 11-1 से जीत दर्ज की थी।
इस टीम में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की भी चार खिलाड़ी शामिल रहीं। कप्तान खईदेम सलीमा चानू और कृष्णा शर्मा मध्यप्रदेश की हैं, जबकि गीता यादव और मधु सिदार छत्तीसगढ़ से हैं।
जीत के तुरंत बाद हॉकी इंडिया ने टीम की हर खिलाड़ी को 3-3 लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को 1.5-1.5 लाख रुपये देने का ऐलान किया। फाइनल में विजयी गोल करने वाली सानिका को प्लेयर ऑफ द फाइनल चुना गया।
फिर जूनियर पुरुष टीम ने भी लहराया तिरंगा

महिला टीम की जीत के बाद भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने भी अपना जलवा दिखाया। एएचएफ जूनियर एशिया कप 2026 के फाइनल में भारत ने दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया।
भारत के लिए अजीत यादव ने 9वें, अनमोल एक्का ने 13वें, प्रभदीप सिंह ने 21वें और आशु मोर्या ने 50वें मिनट में गोल किया। दक्षिण कोरिया की ओर से 54वें मिनट में ली मिन्हायक ने एकमात्र गोल किया।
इस जीत के साथ भारत ने अपने महाद्वीपीय खिताब का बचाव किया और एफआईएच जूनियर विश्व कप के लिए भी टिकट पक्का कर लिया। यानी एक ही दिन भारत की महिला और पुरुष जूनियर हॉकी टीमें एशिया की चैंपियन बन गईं।
और फिर क्रिकेट में आया तीसरा खिताब

दिन का तीसरा बड़ा जश्न भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने मनाया। भारत ने दुबई में खेले गए फाइनल में श्रीलंका को 72 रन से हराकर आठवीं बार महिला टी-20 एशिया कप का खिताब जीत लिया।
फाइनल में स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने पहले विकेट के लिए 129 रन की साझेदारी की, जो महिला टी-20 एशिया कप के इतिहास में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है। शेफाली ने सिर्फ 24 गेंदों में अर्धशतक लगाया, जबकि स्मृति ने 59 रन बनाए।
टूर्नामेंट में भारत ने सबसे ज्यादा 32 छक्के लगाए। गेंदबाजी में श्री चरणी ने फाइनल में 20 रन देकर 4 विकेट लिए और 2026 में उनके टी-20 विकेटों की संख्या 39 हो गई।
ट्रॉफी को लेकर भी हुआ विवाद
खिताब जीतने के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी से ट्रॉफी और मेडल लेने से इनकार कर दिया।
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के मुताबिक, बोर्ड ने ट्रॉफी देने के लिए दो वैकल्पिक सुझाव दिए थे, लेकिन दोनों विकल्प स्वीकार नहीं किए गए। हेड कोच अमोल मजूमदार ने भी कहा कि ट्रॉफी नहीं लेने का फैसला बीसीसीआई का था और टीम इस फैसले के साथ है।
इस तरह रविवार को पहले महिला हॉकी, फिर पुरुष हॉकी और आखिर में महिला क्रिकेट तीनों में भारत चैंपियन बना। भारतीय खेलों के लिए यह दिन लंबे समय तक याद रखा जाएगा।



