RATAN LAL DANGI CASE | IPS डांगी यौन शोषण केस में IPS पारुल रखेंगी पक्ष, आरोप पत्र जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में निलंबित IPS रतन लाल डांगी के खिलाफ यौन शोषण के मामले में आरोप पत्र जारी किया गया है। हाईकोर्ट में 14 अक्टूबर को हुई सुनवाई के दौरान DGP ने बताया कि प्राथमिक जांच में आरोप प्रमाणित पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
पीड़िता की आपत्ति पर बदले गए अफसर
मामले में पीड़िता ने जांच प्रक्रिया पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए पहले नियुक्त प्रस्तुतकर्ता अधिकारी IPS प्रशांत अग्रवाल पर आपत्ति जताई थी। पीड़िता की मांग थी कि महिला अपराध से जुड़े संवेदनशील मामले में महिला अधिकारी को जिम्मेदारी दी जाए।
इसके बाद गृह सचिव ने प्रशांत अग्रवाल की जगह IPS पारुल माथुर को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त किया। वहीं, ADG दीपांशु काबरा को जांच अधिकारी बनाया गया है।
7 साल तक शोषण का आरोप
मामले के मुताबिक, पुलिस विभाग में पदस्थ एक SI की पत्नी ने 15 अक्टूबर 2025 को पुलिस मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने आरोप लगाया था कि पिछले सात साल से रतन लाल डांगी उसका शारीरिक और मानसिक शोषण कर रहे थे। शिकायत के बाद डांगी को पद से हटाया गया और बाद में निलंबित कर दिया गया। डांगी ने आरोपों को झूठा बताया था।
पीड़िता की याचिका पर हाईकोर्ट ने गृह सचिव और DGP से जवाब मांगा था। अधिकारियों की ओर से जवाब पेश किए जाने के बाद अदालत ने मामले का निराकरण कर दिया।
आरोप पत्र जारी होने के बाद अब विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ेगी। हालांकि, आरोप पत्र जारी होना अपने आप में अंतिम दोषसिद्धि नहीं है।



