CG DOUBLE MURDER | मां-बेटी के 3 हत्यारों को फांसी कब? अब रायपुर जेल में शिफ्ट
रायपुर। सूरजपुर के चर्चित मां-बेटी हत्याकांड में मृत्युदंड की सजा पाने वाले तीन दोषियों कुलदीप साहू, चंद्रकांत चौधरी और फूल सिंह को रायपुर केंद्रीय जेल शिफ्ट कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ में फांसी देने की व्यवस्था इसी जेल में है, लेकिन दोषियों को फांसी कब होगी, यह अभी तय नहीं है। सजा पर अमल से पहले कई कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।
पहले हाईकोर्ट करेगा फैसले की पुष्टि
8 अक्टूबर 2026 को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने तीनों को मृत्युदंड सुनाया था। जेल अधीक्षक योगेश क्षत्री के मुताबिक, सजा की पुष्टि के लिए मामले के रिकॉर्ड हाईकोर्ट भेजे जाएंगे। हाईकोर्ट फैसले की समीक्षा के बाद सजा बरकरार रख सकता है, कम कर सकता है या दोषसिद्धि रद्द कर सकता है।
इसके बाद दोषियों के पास सुप्रीम कोर्ट में अपील, समीक्षा याचिका और निर्धारित शर्तों पर क्यूरेटिव याचिका का विकल्प भी रहता है। राज्यपाल और राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दाखिल करने का संवैधानिक अधिकार भी उपलब्ध है। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही आगे की कार्रवाई हो सकती है।
48 साल से नहीं हुई फांसी
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में आखिरी बार 1978 में रायपुर केंद्रीय जेल में बैजू उर्फ रामभरोसा को फांसी दी गई थी। इसके बाद राज्य में किसी दोषी को फांसी नहीं दी गई। पिछले 12 साल में छह दोषियों को मृत्युदंड सुनाए जाने के बावजूद सजा पर अमल नहीं हुआ।
अब सूरजपुर मामले में हाईकोर्ट की सुनवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी। फिलहाल तीनों दोषियों को फांसी देने की कोई तारीख तय नहीं है।



