CHHATTISGARH | छत्तीसगढ़ के कॉलेजों पर लटकी युक्तियुक्तकरण की तलवार!
रायपुर। छत्तीसगढ़ के शासकीय कॉलेजों में छात्रों की कम संख्या को देखते हुए सरकार युक्तियुक्तकरण यानी री-एडजस्टमेंट की तैयारी कर रही है। प्रदेश के करीब 7 सरकारी कॉलेज ऐसे बताए जा रहे हैं, जहां पिछले सत्र में एक भी छात्र ने दाखिला नहीं लिया। वहीं, 38 कॉलेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर के कुल विद्यार्थियों की संख्या 200 से कम है।
पांच साल का रिकॉर्ड मांगा
उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों में प्रवेश की स्थिति, स्वीकृत सीटों, शिक्षकों के पद और बजट की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। उच्च शिक्षा संचालनालय ने क्षेत्रीय कार्यालयों के अपर संचालकों को पत्र भेजकर वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक का रिकॉर्ड मांगा है।
कॉलेजों को छात्र संख्या के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा गया है शून्य छात्र, 1 से 100, 101 से 200 और 201 से 300 विद्यार्थी।
कॉलेजों की दूरी भी बनेगी आधार?
कॉलेजों से बीए, बीकॉम और बीएससी सहित अलग-अलग पाठ्यक्रमों में स्वीकृत सीटों और हर साल हुए दाखिलों का ब्योरा मांगा गया है। साथ ही यह भी बताना होगा कि पिछले पांच वर्षों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी या घटी।
विभाग आसपास के दूसरे कॉलेजों की दूरी और संबंधित क्षेत्र के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या की जानकारी भी जुटा रहा है। इससे कम दाखिले वाले कॉलेजों की स्थिति का आकलन किया जा सकेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि फिलहाल प्रवेश, सीटों और बजट से जुड़ी जानकारी ली जा रही है। अभी युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया की तैयारी चल रही है। आगे किन कॉलेजों पर क्या फैसला होगा, यह जुटाए जा रहे आंकड़ों के आधार पर स्पष्ट होगा।



