KHARGE CONTROVERSY | खरगे के बयान पर संग्राम, साय-बघेल-स्मृति आमने-सामने!

रायपुर डेस्क। बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक बयान ने सियासी घमासान छेड़ दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर बीजेपी हमलावर है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने इसे राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है।
साय बोले- सार्वजनिक माफी मांगें खरगे
सीएम विष्णु देव साय ने बयान को शर्मनाक और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन इसके नाम पर दिवंगत परिजनों को निशाना बनाना भारतीय संस्कारों और सार्वजनिक जीवन की गरिमा के खिलाफ है। साय ने खरगे से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की और कहा कि जनता ऐसी राजनीति स्वीकार नहीं करेगी।
स्मृति ईरानी ने भी टिप्पणी को कांग्रेस के राजनीतिक दिवालियेपन का प्रमाण बताया। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस नीतियों पर सवाल उठाने के बजाय व्यक्तिगत टिप्पणियां कर रही है।
भूपेश बघेल ने किया बचाव
वहीं, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खरगे के बयान का बचाव किया। उन्होंने सवाल उठाया कि इसमें अपमानजनक क्या है और कहा कि भाषण के दौरान किसी के नारे लगाने पर यह बोलने का एक तरीका था। कांग्रेस की ओर से बीजेपी पर प्रधानमंत्री की भाषा को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
यह विवाद 25 अक्टूबर को पटना में डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के कार्यक्रम के दौरान खरगे के संबोधन से जुड़ा है। बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने भी बयान की आलोचना की। अब इस मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।



