CHHATTISGARH | नशे के सौदागरों पर शिकंजा, अब बड़े तस्करों की बारी!

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सरकार अब कार्रवाई तेज करने की तैयारी में है। उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने पुलिस को साफ निर्देश दिए हैं कि कार्रवाई सिर्फ छोटे विक्रेताओं तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे तस्करी नेटवर्क को निशाने पर लिया जाए।
नवा रायपुर के मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने नशीले पदार्थों के उत्पादन, परिवहन, आपूर्ति और बिक्री से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने को कहा।
तस्करों की संपत्ति पर भी होगी कार्रवाई
सरकार का जोर नशे के कारोबार से जुड़े बड़े तस्करों, आर्थिक मददगारों और संगठित गिरोहों पर है। निर्देशों के मुताबिक, एनडीपीएस एक्ट और सफेमा के तहत अवैध कमाई से बनाई गई चल-अचल संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी। आर्थिक लेन-देन की जांच के लिए वित्तीय और कानूनी विशेषज्ञों की समिति बनाने की बात भी कही गई है।
मेडिकल स्टोरों पर भी नजर
प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल, सिरप और अन्य दवाओं की अवैध बिक्री रोकने के लिए मेडिकल स्टोरों की जांच होगी। स्कूल-कॉलेजों और युवाओं की आवाजाही वाले इलाकों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
31 दिसंबर तक नष्ट होंगे पुराने जब्त नशे
बैठक में 30 जून 2026 तक जब्त किए गए छह महीने से अधिक पुराने मादक पदार्थों को 31 दिसंबर 2026 तक नष्ट करने का लक्ष्य रखा गया है। तस्करी में इस्तेमाल वाहनों को राजसात और नीलाम करने की प्रक्रिया तीन महीने में पूरी करने को कहा गया है।
इसके अलावा, नशे के मामलों में मजबूत जांच, विशेष न्यायालयों और जन-जागरूकता पर जोर दिया गया। आम नागरिक नशे से जुड़ी जानकारी राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1933 पर दे सकते हैं।



