CHHATTISGARH | अब खाद की दुकान पर भी कैमरा चलेगा!

रायपुर। हर साल खाद के लिए लाइन, कालाबाजारी के आरोप और किसानों की परेशानियों के बीच इस बार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब छत्तीसगढ़ की निजी खाद दुकानों में खाद बेचने की पूरी प्रक्रिया कैमरे में कैद होगी।
कृषि संचालनालय ने 1 जुलाई से 30 अगस्त तक पूरे प्रदेश में ‘उर्वरक विक्रय सतर्कता अभियान’ चलाने का आदेश जारी किया है। यानी अब अधिकारी खुद दुकानों में मौजूद रहेंगे और रोजाना स्टॉक से लेकर बिक्री तक का वीडियो रिकॉर्ड करेंगे।
जिन दुकानों पर पहले कालाबाजारी या अनियमितता की शिकायतें मिल चुकी हैं, वहां सिर्फ 2-3 मिनट नहीं, बल्कि पूरे दिन की बिक्री प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी। वीडियो में तारीख, समय और दुकान का नाम भी रिकॉर्ड करना अनिवार्य रहेगा ताकि जरूरत पड़ने पर इसे सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके।
सरकार के इस फैसले ने एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया है, अगर व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी थी, तो फिर कैमरे की जरूरत क्यों पड़ी? दरअसल, हर खरीफ सीजन में यूरिया-डीएपी की कमी, ज्यादा कीमत वसूली और जबरन दूसरे उत्पाद बेचने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।
अब हर दुकान पर स्टॉक और MRP बोर्ड लगाना जरूरी होगा, किसानों को आधार आधारित PoS मशीन से ही खाद मिलेगी और बिल देना भी अनिवार्य रहेगा। यूरिया के साथ जिंक या दूसरे उत्पादों की जबरन टैगिंग पर भी रोक लगाई गई है।
सरकार ने उड़नदस्ता टीमों को भी मैदान में उतार दिया है। रोजाना औचक निरीक्षण होंगे और अगर किसी अधिकारी या विक्रेता की मिलीभगत सामने आई तो सीधे FIR दर्ज होगी और लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है।



