CHHATTISGARH | सरकारी प्रिंटिंग के 400 करोड़ के काम पर घमासान!

रायपुर. रायपुर में स्थानीय मुद्रण फर्मों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को शिकायत देकर पिछले करीब 6 साल के सरकारी प्रिंटिंग कार्यों की जांच की मांग की है।
मुद्रकों का दावा है कि पिछले 5 वर्षों में शासकीय मुद्रणालय के जरिए करीब 400 करोड़ रुपए के काम हुए। आरोप है कि सीमित संख्या में करीब 5 फर्मों को लगातार काम मिलता रहा और दूसरे स्थानीय कारोबारियों को पर्याप्त मौका नहीं मिला।
शिकायत में टेंडर प्रक्रिया, एल-1 रेट, वर्क ऑर्डर, भुगतान और बिना नई निविदा के कराए गए कामों की जांच की मांग की गई है।
टेंडर की शर्तों पर भी सवाल
नई निविदा में 5 करोड़ रुपए सालाना टर्नओवर, वेब ऑफसेट मशीन और करीब 20 हजार वर्गफुट इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी शर्तों का हवाला देते हुए मुद्रकों ने कहा है कि इससे छोटे और मध्यम स्थानीय कारोबारियों के लिए टेंडर में शामिल होना मुश्किल हो गया है।
शिकायतकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ संवाद की तर्ज पर पात्रता शर्तें आसान करने और पिछले 6 साल के प्रिंटिंग काम का स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग की है।



