NATIONAL | पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ बोले- प्रेस की आज़ादी लोकतंत्र की नींव

नई दिल्ली। भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डी.वाई. चंद्रचूड़ ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रेस की स्वतंत्रता सर्वोच्च महत्व रखती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वतंत्र प्रेस के बिना कोई भी लोकतंत्र जीवित नहीं रह सकता, लेकिन आज़ादी के साथ जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है।
राष्ट्रीय राजधानी में डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म ‘डायनामाइट न्यूज़’ के नए स्टूडियो के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि सवाल पूछने का अधिकार ही कानून के शासन और संविधान की मूल भावना है।
प्रेस की आज़ादी के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी
पूर्व CJI चंद्रचूड़ ने कहा कि प्रेस को पूरी स्वतंत्रता मिलनी चाहिए, लेकिन इसका दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। यदि मीडिया अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाता, तो वह प्रेस की स्वतंत्रता के उद्देश्य के विपरीत काम करता है।
सवाल पूछना लोकतंत्र की ताकत
उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में सरकार से सवाल पूछना नागरिकों और मीडिया का अधिकार है। संविधान इस अधिकार की गारंटी देता है और यही लोकतंत्र को मजबूत बनाता है।
फेक न्यूज़ पर दी चेतावनी
बढ़ती फर्जी खबरों पर चिंता जताते हुए उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि ज़्यादा व्यूज़ या टीआरपी के लिए तथ्यों से समझौता न करें। किसी भी खबर को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले उसकी पूरी तरह पुष्टि करना मीडिया की जिम्मेदारी है।



