ARPA RIVER POLLUTION | अरपा नदी में जहर! हाईकोर्ट सख्त

बिलासपुर. बिलासपुर की अरपा नदी के प्रदूषण पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट में बताया गया कि करीब 70 नालों-नालियों का बिना उपचार किया गया पानी अरपा में पहुंच रहा है। डोमुहानी और चिल्हाटी के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से भी बिना पर्याप्त उपचार के सीवेज नदी में जाने की शिकायत सामने आई है।
कई जगह नदी में कचरा और मलबा फेंके जाने की बात भी कोर्ट के सामने रखी गई। अब हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से शपथपत्र के जरिए पूछा है कि अरपा को प्रदूषण से बचाने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है।
सरकार ने बताया कि अरपा के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए 2,502 काम किए जा रहे हैं। वहीं नगर निगम की करीब 103 करोड़ रुपये की कार्ययोजना है। चार एसटीपी का निर्माण अंतिम चरण में बताया गया है, जबकि अन्य इलाकों में भी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जा रहे हैं।
कोर्ट ने नगर निगम से एसटीपी की संख्या, उनकी क्षमता, लोकेशन और निर्माण पूरा होने की संभावित तारीख की जानकारी भी मांगी है। अब अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।



