CG VIDHANSABHA BHARTI | विधानसभा भर्ती में ‘बैकडोर’ का खेल?

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय की भर्ती एक बार फिर सवालों के घेरे में है। आरोप है कि 2019 में वर्ग-3 के 47 पदों के लिए परीक्षा और प्राथमिक मेरिट सूची तैयार होने के बाद भी चयन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई।
इसके बाद खाली पदों पर अस्थायी नियुक्तियां किए जाने और विधानसभा में पहले से काम कर रहे कर्मचारियों-अधिकारियों के बेटे, भाई और रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाने के आरोप सामने आए हैं।
शिकायत में सहायक ग्रेड-3, अनुवादक, वाहन चालक और बुक-लिफ्टर समेत अलग-अलग पदों पर कथित नियुक्तियों को लेकर कई नामों का जिक्र किया गया है। वर्ग-4 के पदों पर भी दैनिक वेतनभोगियों को मौका देने के आरोप लगाए गए हैं।
अभ्यर्थियों का सवाल है कि जब परीक्षा हो चुकी थी और मेरिट सूची बन गई थी, तो उसे अंतिम रूप क्यों नहीं दिया गया? वहीं विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा ने आरोपों को कपोल-काल्पनिक बताते हुए कहा है कि भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
मामला अब रायपुर कोर्ट तक पहुंच चुका है। शिकायतकर्ता ने भर्ती में कथित अनियमितता और बैकडोर नियुक्तियों की जांच की मांग की है। अब नजर इस बात पर है कि मेरिट क्यों रोकी गई और अस्थायी नियुक्तियों का आधार क्या था?



