CHHATTISGARH | क्रमोन्नति वेतनमान की मांग खारिज

धमतरी. धमतरी जिले के कुरुद ब्लॉक में पदस्थ सात एलबी संवर्ग के शिक्षकों और व्याख्याताओं को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। क्रमोन्नति वेतनमान की मांग को अदालत ने पूरी तरह खारिज कर दिया और साफ कर दिया कि मौजूदा नियमों के तहत वे इस लाभ के हकदार नहीं हैं।
जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच ने कहा कि इस कानूनी मुद्दे पर हाईकोर्ट पहले ही फैसला दे चुका है, इसलिए नए सिरे से राहत देने का कोई आधार नहीं बनता। कोर्ट ने राज्य सरकार के 10 मार्च 2017 के परिपत्र को सही मानते हुए सभी याचिकाएं निरस्त कर दीं।
मामला कुरुद विकासखंड के विभिन्न स्कूलों में पदस्थ सात शिक्षकों और व्याख्याताओं से जुड़ा था। इन कर्मचारियों का कहना था कि निर्धारित सेवा अवधि पूरी करने के बाद उन्हें क्रमोन्नति वेतनमान मिलना चाहिए, लेकिन विभाग ने उनके दावों को अस्वीकार कर दिया था।
इसी फैसले को चुनौती देते हुए उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सभी याचिकाओं में समान तथ्य और कानूनी बिंदु होने के कारण अदालत ने एक साथ सुनवाई की।
राज्य सरकार की ओर से पेश पक्ष में कहा गया कि एलबी संवर्ग के शिक्षकों को क्रमोन्नति वेतनमान देने का मुद्दा पहले ही हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में तय हो चुका है। सरकार ने ‘आभा नामदेव बनाम छत्तीसगढ़ राज्य’ और ‘पुष्पलता मानिकपुरी बनाम छत्तीसगढ़ राज्य’ मामलों का हवाला देते हुए बताया कि ऐसे दावों को पहले भी खारिज किया जा चुका है।
हाईकोर्ट ने माना कि कुरुद के शिक्षकों का मामला भी उन्हीं फैसलों से पूरी तरह मेल खाता है। इसी आधार पर अदालत ने सातों शिक्षकों की रिट याचिकाओं को सिरे से खारिज कर दिया।
इस फैसले के बाद एलबी संवर्ग के अन्य कर्मचारियों के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण कानूनी संकेत माना जा रहा है कि 2017 के परिपत्र के तहत क्रमोन्नति वेतनमान का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।



