MAHADEV BETTING APP | अब इन चेहरों पर CBI की नजर!

रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर से पूछताछ के दौरान CBI ने अवैध कारोबार के बड़े नेटवर्क को लेकर कई अहम दावे किए हैं। एजेंसी के मुताबिक, लॉकडाउन के दौरान भी इस नेटवर्क के जरिए हर महीने करीब 450 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हो रही थी।
CBI की विशेष अदालत ने सौरभ चंद्राकर की रिमांड 12 नवंबर तक मंजूर की है। उसे ओमान से भारत लाया गया था। 1 नवंबर की रात गिरफ्तारी के बाद 2 नवंबर को ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया। अब CBI उससे पूरे नेटवर्क और कथित आर्थिक लेन-देन को लेकर पूछताछ कर रही है।
जांच एजेंसी का दावा है कि महादेव बुक ऐप का संचालन सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और उनके सहयोगियों के जरिए किया जाता था। करीब 450 करोड़ रुपये की कथित मासिक कमाई में से 70 से 80 प्रतिशत रकम प्रमोटर अपने पास रखते थे, जबकि बाकी हिस्सा पैनल ऑपरेटरों को दिया जाता था।
CBI के अनुसार, अवैध कमाई को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक खातों में जमा कराया जाता था। इसके बाद हवाला और अन्य माध्यमों से रकम विदेश भेजने का आरोप है। जांच में पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक प्रभावशाली लोगों की कथित भूमिका तथा अवैध संपत्तियों की भी पड़ताल की जा रही है।
एजेंसी अब सौरभ से पूछताछ कर अन्य आरोपियों, पैनल ऑपरेटरों और कथित लाभार्थियों की पहचान करने में जुटी है।



