CHHATTISGARH | माओवादी लिंक मामले में NIA कोर्ट का बड़ा फैसला

बिलासपुर. बिलासपुर की विशेष NIA कोर्ट ने माओवादी संगठन से कथित संबंध रखने के आरोप में गिरफ्तार चार आरोपियों को बड़ी राहत देते हुए सशर्त जमानत दे दी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है।
रायपुर के डीडी नगर थाने में दर्ज इस मामले में गिरधर नाग, सुकारू राम कोरसा, संदेव पोड़यामी और शंकर कोरसा पर प्रतिबंधित संगठन के लिए शहरी नेटवर्क तैयार करने और सूचनाओं के आदान-प्रदान में भूमिका निभाने का आरोप है। इनके खिलाफ BNS और गैरकानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि चारों आरोपियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। कोर्ट ने भी माना कि गिरधर नाग के पास से सिर्फ एक मोबाइल फोन बरामद हुआ था, जबकि अन्य आरोपियों के पास से कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली।
अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि इसी मामले के सह-आरोपी धनसिंह गावड़े को पहले ही जमानत मिल चुकी है और ट्रायल जल्द खत्म होने की संभावना भी नहीं दिख रही है।
इन्हीं आधारों पर विशेष न्यायाधीश NIA एक्ट सिराजुद्दीन कुरैशी की अदालत ने चारों आरोपियों को 20-20 हजार रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के जमानती पर सशर्त जमानत देने का आदेश दिया।


