PRIVATE HOSPITAL BILL RULES | प्राइवेट अस्पतालों के बिल पर लग सकती है लगाम!

नई दिल्ली। निजी अस्पतालों के इलाज और बिलिंग को लेकर बड़ा बदलाव हो सकता है। संसद की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संबंधी स्थायी समिति ने अपनी 176वीं रिपोर्ट में 365 सिफारिशें दी हैं। इनमें मरीजों को इलाज शुरू होने से पहले अनुमानित खर्च बताने और मानक इलाज के पैकेज रेट सार्वजनिक करने की सिफारिश भी शामिल है।
अगर सिफारिशें लागू होती हैं तो इमरजेंसी में पहले इलाज और बाद में भुगतान, दवाओं-मेडिकल उपकरणों की कीमतों में अंतर सीमित करने और निजी अस्पतालों में गरीब मरीजों के लिए आरक्षित बेड बढ़ाने जैसे बदलाव हो सकते हैं।
सबसे बड़ा प्रस्ताव आयुष्मान भारत का कवर 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये प्रति परिवार करने का है। करीब 600 महंगी चिकित्सा प्रक्रियाओं को भी योजना में शामिल करने की सिफारिश की गई है।
इसके अलावा ओपीडी, जांच, दवाओं, मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास सेवाओं को भी हेल्थ बेनिफिट पैकेज में शामिल करने का सुझाव दिया गया है। 5 साल से कम उम्र के सभी बच्चों और 60 साल से ज्यादा उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक-आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना आयुष्मान योजना में शामिल करने की सिफारिश की गई है।
निजी अस्पतालों में EWS, BPL और आयुष्मान मरीजों के लिए आरक्षित बेड 10% से बढ़ाकर 20% करने तथा महानगरों में अस्पताल के कमरे का किराया 3-स्टार होटल के औसत किराए से अधिक न रखने का सुझाव भी दिया गया है।
हालांकि, ये सिफारिशें अभी कानून नहीं बनी हैं। अब स्वास्थ्य मंत्रालय को इन पर एक्शन टेकन रिपोर्ट देनी होगी। इसके बाद केंद्र सरकार और संबंधित नियामक संस्थाएं इनके लागू होने पर फैसला लेंगी।



