PATAN ELECTION PETITION | पाटन चुनाव केस में विजय बघेल की गवाही!

बिलासपुर। पाटन विधानसभा चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान दुर्ग सांसद और याचिकाकर्ता विजय बघेल का बयान दर्ज किया गया। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने प्रतिपरीक्षण किया।
5 नवंबर को जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ में हुई सुनवाई के दौरान चुनाव याचिका से जुड़े तथ्यों पर सवाल-जवाब हुए। प्रतिपरीक्षण की प्रक्रिया अगली सुनवाई में भी जारी रहेगी।
कोर्ट में सीलबंद मोबाइल भी खुला
सुनवाई के दौरान चुनाव याचिका के साथ साक्ष्य के रूप में जमा सीलबंद मोबाइल फोन को चार्ज करने की अनुमति दी गई। याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि मोबाइल 17 जनवरी 2024 से सीलबंद लिफाफे में जमा है और लंबे समय तक बंद रहने से उसकी बैटरी डिस्चार्ज हो सकती है।
कोर्ट की अनुमति और सभी पक्षों की मौजूदगी में मोबाइल को दोपहर 3:15 से शाम 4:30 बजे तक चार्ज किया गया। इस दौरान बैटरी 13 प्रतिशत तक पहुंची। इसके बाद मोबाइल बंद कर दोबारा सीलबंद कर दिया गया। सील पर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं और विजय बघेल ने हस्ताक्षर किए।
क्या है पूरा मामला?
विजय बघेल ने 2024 में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि पाटन चुनाव के दौरान प्रचार बंद होने की तय अवधि में भूपेश बघेल ने रैली और रोड शो किया तथा मतदाताओं से वोट मांगे। इसे लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 का उल्लंघन बताते हुए उनका निर्वाचन रद्द करने की मांग की गई है। ये आरोप हैं, जिन पर अदालत में सुनवाई जारी है।
हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 17 नवंबर 2026 की तारीख तय की है।



