CHHATTISGARH | हसदेव में नए कोल ब्लॉक को मंजूरी, 1742 हेक्टेयर जंगल और कटेगा …

रायपुर। भीषण गर्मी और जल संकट के बीच हसदेव अरण्य को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय ने हसदेव के केंते एक्सटेंशन कोल ब्लॉक को वन स्वीकृति दे दी है। मतलब अब हजारों हेक्टेयर जंगल में कटाई का रास्ता साफ हो गया है।
जानकारी के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के लिए 1742 हेक्टेयर वन भूमि डायवर्ट की जाएगी और करीब 7 लाख पेड़ काटे जा सकते हैं। पर्यावरण मंत्रालय की एडवाइजरी कमेटी ने 8 मई 2026 की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी।


हसदेव अरण्य छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और घना जंगल माना जाता है। यही इलाका हाथियों, तेंदुओं और कई दुर्लभ वन्यजीवों का घर है। साथ ही हसदेव नदी का कैचमेंट एरिया भी यहीं है, जिससे लाखों किसानों की खेती जुड़ी हुई है।
पर्यावरण कार्यकर्ताओं और आदिवासी संगठनों ने इस फैसले का विरोध शुरू कर दिया है। Alok Shukla ने आरोप लगाया कि ग्राम सभाओं की असली सहमति नहीं ली गई और यह फैसला जंगल, पर्यावरण और आदिवासी अधिकारों के खिलाफ है।
वहीं इलाके की सांसद Jyotsna Mahant भी पहले से हसदेव में माइनिंग का विरोध करती रही हैं। अब इस मंजूरी के बाद एक बार फिर जंगल बचाने की लड़ाई तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।



