CG HIGH COURT | ED की अटैच संपत्ति नहीं छूटी!

रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED द्वारा अटैच की गई छह अचल संपत्तियों को मुक्त करने की मांग खारिज कर दी है। याचिकाकर्ताओं ने इन संपत्तियों के बदले 4 करोड़ 36 लाख 5 हजार 780 रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट को वैकल्पिक सुरक्षा के तौर पर स्वीकार करने की मांग की थी। मामले की सुनवाई जस्टिस बिभू दत्त गुरु की सिंगल बेंच में हुई।
याचिकाकर्ता ऋषभ सोनी और एक अन्य व्यक्ति का कहना था कि अटैच की गई संपत्तियां अपराध की सीधी आय नहीं हैं, बल्कि समकक्ष मूल्य के रूप में अटैच की गई हैं। उनका तर्क था कि संपत्तियों की कीमत के बराबर FD जमा होने से ED का हित भी सुरक्षित रहेगा और उनका कारोबार भी प्रभावित नहीं होगा।
लेकिन ED ने इसका विरोध करते हुए कहा कि PMLA के तहत अटैच अचल संपत्ति को सिर्फ FD देकर बदलने का कोई सामान्य कानूनी अधिकार नहीं है। हाईकोर्ट ने भी साफ कहा कि केवल आर्थिक या व्यावसायिक परेशानी के आधार पर अटैच संपत्ति के बदले FD स्वीकार करने का आदेश नहीं दिया जा सकता।
कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में वैधानिक अपील का विकल्प मौजूद है, इसलिए रिट याचिका के जरिए राहत नहीं दी जा सकती।


