CG HIGH COURT | हाईकोर्ट ने बदला प्रमोशन का गणित!

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग में SI से इंस्पेक्टर प्रमोशन को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि पदोन्नति के लिए अर्हकारी सेवा की गणना वास्तविक ज्वाइनिंग डेट से नहीं, बल्कि नियुक्ति वाले कैलेंडर वर्ष से होगी।
इस फैसले से सब इंस्पेक्टर (रेडियो) के चार अधिकारियों को राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उन्हें 1 जनवरी 2025 से इंस्पेक्टर पद पर प्रमोशन के लिए विचार योग्य माना है।
मामला वर्ष 2017 में नियुक्त चार SI अधिकारियों से जुड़ा है। अधिकारियों ने नवंबर 2017 में ड्यूटी ज्वाइन की थी, जिसके आधार पर पहले उन्हें 1 जनवरी 2026 से प्रमोशन के लिए पात्र माना गया था।
लेकिन डिवीजन बेंच ने इस फैसले को पलट दिया। कोर्ट ने कहा कि जब नियुक्ति वर्ष 2017 में हुई है तो 2017 को अर्हकारी सेवा का पहला वर्ष माना जाएगा, भले ही अधिकारी ने उस साल नवंबर में ज्वाइन किया हो।
इस हिसाब से 2024 उनका आठवां वर्ष पूरा हुआ और वे 1 जनवरी 2025 से प्रमोशन के लिए विचार योग्य हो गए।
हाईकोर्ट ने एकल पीठ के पुराने आदेश को निरस्त करते हुए सरकार और संबंधित विभाग को चारों अधिकारियों के प्रमोशन मामलों को DPC के सामने रखने के निर्देश दिए हैं।
हालांकि कोर्ट ने सीधे प्रमोशन देने का आदेश नहीं दिया है। अंतिम फैसला वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड, अन्य पात्रता शर्तों और रिक्त पदों की उपलब्धता के आधार पर होगा।
यह फैसला सिर्फ इन चार अधिकारियों के लिए ही नहीं, बल्कि सरकारी कर्मचारियों के उन मामलों में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां प्रमोशन के लिए सेवा अवधि की गणना को लेकर नियुक्ति वर्ष और ज्वाइनिंग डेट के बीच विवाद होता है।



