BHUPESH BAGHEL STATEMENT | स्मार्ट मीटर से हजारों की नौकरी पर संकट

रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर को लेकर सियासत फिर गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया है कि स्मार्ट मीटर योजना के चलते हजारों मीटर रीडिंग कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि तकनीक के नाम पर रोजगार खत्म किया जा रहा है।
विद्युत मीटर रीडिंग कर्मचारी संघ की सभा में पहुंचे भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी हैं, जिनके परिवार की आजीविका मीटर रीडिंग के काम पर निर्भर है। स्मार्ट मीटर लगने के साथ उनकी आय बंद होती जा रही है।
भूपेश बघेल ने यह भी कहा कि बढ़े हुए बिजली बिल का गुस्सा सबसे पहले मीटर रीडरों को झेलना पड़ता है, जबकि नीतियां सरकार तय करती है। उन्होंने उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर का विरोध करने और पुराने मीटर लगाने के लिए बिजली कार्यालय में आवेदन देने की अपील भी की।
वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि स्मार्ट मीटर से बिजली व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी, बिलिंग में सुधार आएगा और बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। अब इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति और तेज होने के संकेत हैं।



