CG CONGRESS CAMP | कांग्रेस शिविर में क्या पक रहा?

बिलासपुर। तीन दिन के कांग्रेस प्रशिक्षण शिविर में पार्टी ने 2028 की तैयारी का बिगुल तो बजा दिया, लेकिन शिविर के अंदर से निकले सियासी संकेतों ने नई चर्चा छेड़ दी है।
कार्यकर्ताओं को साफ संदेश दिया गया कि अब सिर्फ बयान और पोस्टर नहीं, बल्कि सीधे जनता के बीच जाकर भाजपा सरकार को घेरना है। बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने और डिजिटल बूथ मैनेजमेंट पर भी जोर दिया गया।
लेकिन असली चर्चा नेताओं की आपसी केमिस्ट्री को लेकर रही। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की खुलकर तारीफ की। खास बात यह है कि युवा कांग्रेस चुनाव को लेकर दोनों खेमों के बीच सियासी खींचतान की चर्चा चल रही है। ऐसे में महंत की तारीफ को लेकर सवाल उठने लगा कि क्या कांग्रेस के बड़े चेहरे अब मतभेद भुलाकर एकजुट होने की कोशिश कर रहे हैं?
दूसरी ओर, शिविर में भूपेश बघेल, चरणदास महंत, दीपक बैज और टीएस सिंहदेव जैसे बड़े नेता मौजूद रहे, लेकिन सभी दिग्गज एक साथ मंच पर नजर नहीं आए। यहां तक कि महंत और भूपेश एक ही दिन बिलासपुर पहुंचे, फिर भी दोनों का संयुक्त मंच टल गया। इससे पार्टी की एकजुटता को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।
भूपेश बघेल ने कार्यकर्ताओं के बीच आक्रामक अंदाज में अपनी बात रखी। वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर भी उन्हें अहम जिम्मेदारी मिली है। ऐसे में उनके तेवरों को लेकर साफ संकेत माना जा रहा है कि राष्ट्रीय भूमिका के बावजूद छत्तीसगढ़ की राजनीति में उनका प्रभाव कम नहीं हुआ है।
इधर PCC चीफ दीपक बैज ने सबसे बड़ा सियासी दावा कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा के कई वरिष्ठ नेता कांग्रेस के संपर्क में हैं और आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में बड़ा धमाका हो सकता है।
शिविर में संगठनात्मक अनुशासन को लेकर भी चर्चा रही। बैज पूरे तीन दिन आवासीय परिसर में डटे रहे और कार्यकर्ताओं से लगातार संवाद करते रहे, जबकि स्थानीय कांग्रेस जिलाध्यक्ष के रात में परिसर में नहीं रुकने को लेकर भी संगठन के भीतर सवाल उठे।
यानी तीन दिन के इस शिविर में कांग्रेस ने 2028 की तैयारी का संदेश तो दिया, लेकिन साथ ही कई ऐसे संकेत भी छोड़ दिए जिनसे पार्टी की एकजुटता, गुटबाजी और आने वाले सियासी समीकरणों पर नई चर्चा शुरू हो गई है।



